Shree Hari Chemicals: प्रमोटरों से ₹40 करोड़ जुटाएगी कंपनी, अब इंफ्रास्ट्रक्चर में भी उतरेगी

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Shree Hari Chemicals: प्रमोटरों से ₹40 करोड़ जुटाएगी कंपनी, अब इंफ्रास्ट्रक्चर में भी उतरेगी

Shree Hari Chemicals अपने प्रमोटरों से ₹40.24 करोड़ के प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिए फंड जुटाने जा रही है। कंपनी अपनी क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ मशीनरी ट्रेडिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट जैसे नए बिजनेस में भी कदम रखेगी।

Shree Hari Chemicals की नई उड़ान: ₹40.24 करोड़ जुटाने की तैयारी

Shree Hari Chemicals Export Ltd ने अपने प्रमोटर ग्रुप को 22,85,000 कनवर्टिबल वारंट्स जारी करने का ऐलान किया है। हर वारंट की कीमत ₹176.10 रखी गई है, जिससे कंपनी को कुल ₹40.24 करोड़ मिलेंगे। ये वारंट्स अलॉटमेंट के 18 महीनों के भीतर इक्विटी शेयर्स में बदले जा सकते हैं। कंपनी के बोर्ड ने मैनेजमेंट के कुछ अहम पदों पर नियुक्तियों को भी मंजूरी दी है और एक नए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर को भी शामिल किया है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

प्रमोटरों से मिला यह फंड कंपनी के भविष्य के विकास के लिए एक मजबूत संकेत है। इस पैसे का इस्तेमाल डाई और डाई इंटरमीडिएट्स के लिए क्षमता विस्तार (capacity expansion) में किया जाएगा। साथ ही, कंपनी अपनी सब्सिडियरी Shakambhari Dyechem Private Limited में भी निवेश करेगी। सबसे बड़ी बात यह है कि कंपनी अपने बिजनेस के दायरे को काफी बढ़ाने जा रही है।

जानिए पूरी कहानी

अब तक Shree Hari Chemicals मुख्य रूप से केमिकल सेक्टर में ही काम कर रही थी। लेकिन अब कंपनी ने अपनी कमाई के नए रास्ते खोलने का फैसला किया है। कंपनी के मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन (MoA) में बदलाव किया गया है ताकि नए बिजनेस एक्टिविटीज को शामिल किया जा सके। इनमें हेवी मशीनरी और इंडस्ट्रियल व्हीकल्स की ट्रेडिंग, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसिंग, इन्वेस्टमेंट और सिक्योरिटीज में डील करना, और रोड, ब्रिज, पोर्ट और एनर्जी सिस्टम्स के लिए EPC/इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स लेना शामिल है।

आगे क्या?

कंपनी के लिए क्षमता विस्तार योजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा करना और इंफ्रास्ट्रक्चर व हेवी मशीनरी ट्रेडिंग जैसे नए, कैपिटल-इंटेंसिव सेक्टर्स में उतरना अहम होगा। कंपनी को यह साबित करना होगा कि वह अपने कोर केमिकल बिजनेस के साथ-साथ इन नए वेंचर्स को भी प्रभावी ढंग से संभाल सकती है।

आगे क्या ट्रैक करें?

निवेशक अब इस बात पर नजर रखेंगे कि प्रेफरेंशियल इश्यू से जुटाए गए फंड का इस्तेमाल कैसे किया जाता है। साथ ही, डाई और डाई इंटरमीडिएट्स के लिए क्षमता विस्तार की प्रगति और मशीनरी ट्रेडिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट जैसे नए बिजनेस सेग्मेंट्स के शुरुआती प्रदर्शन पर भी ध्यान दिया जाएगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.