Shree Hari Chemicals Export Ltd ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर **326%** बढ़कर **₹15.08 करोड़** पर पहुंच गया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह **₹3.54 करोड़** था।
मुनाफे में रिकॉर्ड उछाल का गणित
कंपनी ने सितंबर तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। रेवेन्यू में 6.4% की धीमी बढ़त के बावजूद प्रॉफिट में भारी उछाल दर्ज किया गया है। इसका मुख्य कारण कंपनी का 'कॉस्ट मैनेजमेंट' रहा है। सितंबर तिमाही में कंपनी का कुल खर्च घटकर ₹60.17 करोड़ रह गया, जो पिछले साल इसी दौरान ₹70.25 करोड़ था।
ऑपरेशन्स से जुड़ी अहम बातें
- लेबर कॉस्ट का असर: नए लेबर कोड के प्रावधानों को लागू करने के कारण कंपनी पर ₹31.61 लाख का अतिरिक्त खर्च पड़ा है।
- कैपिटल स्ट्रक्चर: अप्रैल 2026 में कंपनी ने 7,74,946 नए शेयर अलॉट किए, जो नवंबर 2024 में जारी किए गए Zero Coupon Compulsorily Convertible Debentures (CCDs) के कन्वर्जन के बाद आए हैं।
अब आगे क्या?
निवेशकों के लिए अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या कंपनी अपने इन बेहतर मार्जिन को आने वाली तिमाहियों में भी बरकरार रख पाएगी? हालांकि कंपनी का प्रॉफिट शानदार रहा है, लेकिन रेगुलेटरी बदलाव और कच्चे माल की बढ़ती लागत आने वाले समय में कंपनी के प्रदर्शन पर असर डाल सकते हैं। चूंकि कंपनी अभी केवल एक ही बिजनेस सेगमेंट में काम कर रही है, इसलिए ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बनाए रखना उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती है।
