Shlokka Dyes ने इक्विटी शेयरों और वारंट के जरिए **₹24.5 करोड़** जुटाने की घोषणा की है। कंपनी की H1 रेवेन्यू में उछाल आया है, लेकिन ऑडिटर ने अकाउंटिंग और IPO फंड के गलत इस्तेमाल पर सवाल उठाए हैं।
मुनाफे के पीछे का सच
Shlokka Dyes ने ₹24.5 करोड़ के फंड जुटाने का ऐलान किया है, जिसमें 39 लाख वारंट और 31 लाख इक्विटी शेयर ₹35 प्रति शेयर के भाव पर जारी किए जाएंगे। कंपनी ने अपनी ऑथोराइज्ड शेयर कैपिटल को ₹22 करोड़ से बढ़ाकर ₹29 करोड़ करने का प्रस्ताव रखा है, जिस पर 28 नवंबर 2026 को होने वाली EGM में शेयरधारकों की मंजूरी ली जाएगी।
नतीजों का विश्लेषण
कंपनी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रेवेन्यू को ₹31.35 करोड़ से बढ़ाकर ₹71.62 करोड़ पर पहुंचा दिया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹5.21 करोड़ रहा है और EPS ₹2.43 पर पहुंच गया है। लेकिन, यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि कंपनी ने डेप्रिसिएशन मेथड में बदलाव किया है, जिससे पेपर पर प्रॉफिट ₹90 लाख बढ़ गया है।
निवेशकों के लिए खतरे की घंटी
ऑडिटर ने IPO फंड के उपयोग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कंपनी ने उन कामों में फंड खर्च किए हैं जो IPO प्रोस्पेक्टस में बताए ही नहीं गए थे। इसके अलावा, कंपनी ने मैनेजिंग डायरेक्टर की ही कंपनी 'Equinox Impex' को ₹3.30 करोड़ में खरीदा है, जिसे 'रिलेटेड-पार्टी ट्रांजैक्शन' माना जा रहा है और इस पर पारदर्शिता की कमी साफ दिख रही है।
