Shivam Chemicals: मुनाफा दोगुना होने से कंपनी की बल्ले-बल्ले, FY26 के नतीजों में दमदार उछाल

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AuthorMehul Desai|Published at:
Shivam Chemicals: मुनाफा दोगुना होने से कंपनी की बल्ले-बल्ले, FY26 के नतीजों में दमदार उछाल

Shivam Chemicals के लिए फाइनेंशियल ईयर 2025-26 काफी शानदार रहा है। कंपनी का नेट रेवेन्यू **30%** बढ़कर **₹269.56 करोड़** पर पहुंच गया है, जबकि नेट प्रॉफिट लगभग दोगुना होकर **₹5.05 करोड़** हो गया है।

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का लेखा-जोखा

कंपनी ने अपने ऑपरेशंस में जबरदस्त मजबूती दिखाई है। पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹207.37 करोड़ के मुकाबले, इस बार नेट रेवेन्यू ₹269.56 करोड़ रहा। वहीं, नेट प्रॉफिट जो पिछले साल ₹2.57 करोड़ था, वह अब बढ़कर ₹5.05 करोड़ पर आ गया है। इस शानदार ग्रोथ के चलते बेसिक EPS भी सुधरकर ₹2.97 हो गया है।

क्यों बढ़ी रफ्तार?

कंपनी की इस सफलता के पीछे स्ट्रैटेजिक इनिशिएटिव्स का हाथ है। खिमसर (Khimsar) में नई 'क्विक लाइम' यूनिट के शुरू होने से वर्टिकल इंटीग्रेशन का फायदा मिला है। इससे दहेज (Dahej) स्थित सब्सिडियरी को 50% से ज्यादा कच्चा माल आसानी से मिल रहा है। इसके अलावा, अमीनो एसिड और 'Shivamin' विटामिन प्रीमिक्स लाइन जैसे नए प्रोडक्ट्स ने भी टॉप-लाइन ग्रोथ को गति दी है।

रेगुलेटरी अपडेट और कंप्लायंस

कंपनी को एक छोटी रेगुलेटरी पेनल्टी का सामना करना पड़ा था। क्वालिफाइड कंपनी सेक्रेटरी की नियुक्ति में 71 दिनों की देरी के कारण ₹83,780 का जुर्माना लगा था। हालांकि, मैनेजमेंट ने स्पष्ट किया है कि 30 जनवरी, 2026 को अशिमा छतवाल की नियुक्ति के साथ इस मुद्दे को सुलझा लिया गया है और कंपनी अब पूरी तरह SEBI नियमों का पालन कर रही है।

निवेशकों के लिए जोखिम (Risks)

निवेशकों को ग्लोबल सप्लाई चेन और करेंसी में उतार-चढ़ाव पर नजर रखनी चाहिए। कंपनी चीन, मोरक्को और श्रीलंका से कच्चा माल मंगाती है, जिससे ग्लोबल वोलैटिलिटी का असर मार्जिन्स पर पड़ सकता है। भविष्य में खिमसर यूनिट की मार्जिन क्षमता और 'Shivamin' ब्रांड की बाजार में पकड़ पर सबकी नजरें होंगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.