Shiv Texchem ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए मजबूत नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **61.8%** बढ़कर **₹77.82 करोड़** पर पहुंच गया है, हालांकि अमेरिकी रेगुलेटरी चुनौतियों के बीच निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
दमदार नतीजों की कहानी
Shiv Texchem के लिए यह साल फाइनेंशियल मोर्चे पर काफी अच्छा रहा है। कंपनी की कुल आय बढ़कर ₹2,782 करोड़ हो गई है। अगर पिछले साल के आंकड़ों से तुलना करें, तो ऑपरेशनल रेवेन्यू ₹2,201.62 करोड़ से बढ़कर ₹2,776.07 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है। कंपनी ने इस साल डिविडेंड न देने का फैसला लिया है।
रेगुलेटरी चुनौतियां बनीं चिंता का सबब
कंपनी ने चुनौतीपूर्ण माहौल में बेहतरीन मार्जिन दिखाया है, लेकिन अमेरिकी सरकार की U.S. OFAC लिस्ट का मामला अभी भी निवेशकों के लिए बड़ी चिंता का विषय है। हालांकि, मैनेजमेंट इस मसले को सुलझाने के लिए अमेरिकी कानूनी विशेषज्ञों के साथ मिलकर काम कर रहा है।
बोर्ड में बदलाव और कॉर्पोरेट अपडेट
कंपनी ने अपने बोर्ड को मजबूत करने के लिए Mrs. Shruti Vyas को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर और Mr. Rakesh Todkari को कंपनी सेक्रेटरी के तौर पर नियुक्त किया है। वहीं, MCA पोर्टल पर फाइलिंग संबंधी कुछ तकनीकी दिक्कतों को सुलझाने पर भी मैनेजमेंट का पूरा जोर है।
आगे की राह
निवेशकों को अब कंपनी की OFAC लिस्ट से बाहर निकलने की कोशिशों और MCA अनुपालन संबंधी अपडेट्स पर नजर रखनी चाहिए। मैनेजमेंट फिलहाल हाइड्रोकार्बन और स्पेशलिटी केमिकल बिजनेस के विस्तार पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहा है, जबकि बढ़ती इनपुट कॉस्ट और सरकारी नीतियों में बदलाव को कंपनी ने मुख्य जोखिम माना है।
