Sadhana Nitro Chem Limited के लिए फाइनेंशियल ईयर 2025-26 काफी मुश्किल भरा रहा है। कंपनी को **₹86.42 करोड़** का बड़ा नेट लॉस हुआ है, जबकि पिछले साल कंपनी **₹7.56 करोड़** के मुनाफे में थी।
मुनाफे से नुकसान तक का सफर
कंपनी के फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के सालाना नतीजों ने निवेशकों को मायूस किया है। बीते साल के मुकाबले कंपनी का कुल रेवेन्यू गिरकर ₹58.22 करोड़ पर आ गया है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा ₹167.38 करोड़ था।
क्यों बिगड़े हालात?
मैनेजमेंट ने इस खराब परफॉर्मेंस की मुख्य वजह वैश्विक उथल-पुथल को बताया है। वेस्ट एशिया में तनाव और अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ के कारण एक्सपोर्ट वॉल्यूम और मार्जिन पर भारी दबाव देखा गया है।
क्रेडिट रेटिंग और लिक्विडिटी का पेंच
फिलहाल, कंपनी को Infomerics द्वारा 'IVR-D' यानी डिफॉल्ट क्रेडिट रेटिंग दी गई है। हालांकि, राहत की बात यह है कि कंपनी के सभी बैंक खाते मार्च 2026 तक 'Special Mention Account' (SMA) कैटेगरी से बाहर आ चुके हैं। इसके अलावा, कंपनी ने 2.63 अरब से ज्यादा शेयर जारी कर लिक्विडिटी को स्थिर करने की कोशिश की है।
भविष्य की योजनाएं
लगातार घाटे के बावजूद, कंपनी अपनी प्रोडक्शन क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रही है। ODB2 फैसिलिटी की क्षमता को 550 TPA से बढ़ाकर 2,200 TPA कर दिया गया है। साथ ही, कंपनी ग्रीन हाइड्रोजन और सोलर एनर्जी में निवेश कर रही है ताकि 'जीरो एफ्लुएंट डिस्चार्ज' स्टेटस हासिल किया जा सके।
निवेशकों के लिए चेतावनी
फिलहाल कंपनी ने डिविडेंड नहीं देने का फैसला किया है, जिससे साफ है कि अभी पूरा फोकस कर्ज कम करने और कैश बचाने पर है। अब निवेशकों की नजर 30 सितंबर 2026 को होने वाली 53वीं AGM पर रहेगी, जहां क्रेडिट रेटिंग की समीक्षा और एक्सपोर्ट रेवेन्यू पर अपडेट मिलना महत्वपूर्ण होगा।
