SRF Limited के सामने एक नई कानूनी मुसीबत आ खड़ी हुई है। जीएसटी विभाग ने कंपनी को **₹266.32 करोड़** का शो-कॉज नोटिस जारी किया है, जो फाइनेंशियल ईयर 2022-23 और 2023-24 के दौरान इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) मिसमैच से जुड़ा है।
विवाद की जड़ क्या है?
वड़ोदरा-II के एडिशनल कमिश्नर ऑफ CGST और सेंट्रल एक्साइज ने यह नोटिस जारी किया है। अधिकारियों का दावा है कि कंपनी ने FY 2022-23 और FY 2023-24 के बीच नियमों का उल्लंघन करते हुए गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) क्लेम किया है। विभाग का कहना है कि कंपनी की ओर से फाइल किए गए रिटर्न्स और जीएसटी पोर्टल पर मौजूद डेटा में अंतर है।
कंपनी का रुख क्या है?
इस भारी-भरकम डिमांड के बावजूद, SRF का मैनेजमेंट पूरी तरह से आश्वस्त दिख रहा है। कंपनी ने साफ किया है कि यह दावा कानूनी रूप से टिकने वाला नहीं है। SRF का मानना है कि इस नोटिस का उनके फाइनेंशियल नतीजों पर कोई बड़ा बुरा असर नहीं पड़ेगा।
आगे क्या होगा?
फिलहाल, SRF इस नोटिस का औपचारिक जवाब तैयार कर रही है और इसे कानूनी माध्यमों से चुनौती देने की पूरी तैयारी में है। हालांकि कंपनी ने इसे खारिज कर दिया है, लेकिन टैक्स विवादों में कानूनी प्रक्रिया लंबी खिंच सकती है, जिस पर निवेशकों को नजर रखनी होगी। किसी भी प्रकार के प्रतिकूल ऑर्डर से भविष्य में जोखिम बढ़ सकता है, इसलिए रेगुलेटरी फाइलिंग्स पर अपडेट रहना जरूरी है।
