SRF Share Price: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! कंपनी का मुनाफा ₹759 करोड़ पार, ₹5 का डिविडेंड भी घोषित

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AuthorNeha Patil|Published at:
SRF Share Price: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! कंपनी का मुनाफा ₹759 करोड़ पार, ₹5 का डिविडेंड भी घोषित

SRF लिमिटेड ने FY27 की पहली तिमाही के शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट **43%** बढ़कर **₹758.87 करोड़** हो गया है, जबकि रेवेन्यू में भी **32%** की जोरदार ग्रोथ देखी गई। साथ ही, कंपनी ने **₹5** प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड भी घोषित किया है।

Detailed Coverage

SRF लिमिटेड के Q1 FY27 नतीजों का खुलासा: मुनाफा 43% उछला

SRF लिमिटेड ने 30 जून, 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं, जो निवेशकों के लिए अच्छी खबर लेकर आए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी अवधि के ₹432.32 करोड़ की तुलना में 43% बढ़कर ₹758.87 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में भी 32% का शानदार इजाफा हुआ, जो ₹3818.62 करोड़ से बढ़कर ₹5033.26 करोड़ हो गया।

स्टैंडअलोन परफॉर्मेंस भी दमदार

कंपनी के स्टैंडअलोन नतीजों पर नजर डालें तो नेट प्रॉफिट 43% बढ़कर ₹566.30 करोड़ रहा, जबकि स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹3040.17 करोड़ से बढ़कर ₹3801.97 करोड़ दर्ज किया गया।

निवेशकों के लिए खास क्या?

यह मजबूत वित्तीय प्रदर्शन कंपनी की परिचालन क्षमता और लागत प्रबंधन में कुशलता को दर्शाता है। ₹5 प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड की घोषणा शेयरधारकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है, जो कंपनी की लगातार रिटर्न देने की क्षमता को जाहिर करता है।

पिछली तिमाही के मुकाबले

पिछले साल की समान तिमाही (Q1 FY26) में, SRF का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹432.32 करोड़ और कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹3818.62 करोड़ था। स्टैंडअलोन स्तर पर, Q1 FY26 में नेट प्रॉफिट ₹397.00 करोड़ और रेवेन्यू ₹3040.17 करोड़ था।

कंपनी की वित्तीय सेहत

यह भी জানা गया है कि कंपनी ने 30 जून, 2026 तक अपने सभी कमर्शियल पेपर्स (Commercial Papers) का भुगतान सफलतापूर्वक कर दिया है, जो इसकी मजबूत वित्तीय स्थिति और प्रभावी ऋण प्रबंधन को दिखाता है।

किन बातों पर रहेगी नजर?

निवेशकों को कार्बन एमिशन रिडक्शन सर्टिफिकेट (CERs) की टैक्सेबिलिटी (taxability) को लेकर चल रही अनिश्चितता पर नजर रखनी चाहिए। हालांकि, पिछले अदालती आदेश कंपनी के पक्ष में रहे हैं, लेकिन मामला अभी अंतिम नहीं है। इसके अलावा, कंपनी नए 'लेबर कोड्स' (Labour Codes) के कार्यान्वयन और उनके संभावित अकाउंटिंग प्रभाव पर भी नजर बनाए हुए है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.