Rashtriya Chemicals and Fertilizers (RCF) ने FY26 के अपने नतीजे पेश कर दिए हैं। कंपनी का टर्नओवर **₹18,480.17 करोड़** और नेट वर्थ **₹5,129.54 करोड़** रही है। हालांकि, बोर्ड में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की कमी के चलते BSE और NSE ने कंपनी पर **₹52.60 लाख** का जुर्माना लगाया है, जिसे लेकर RCF ने वेवर (Waiver) की मांग की है।
मजबूत ऑपरेशनल परफॉर्मेंस
RCF ने अपनी बिजनेस रिस्पॉन्सिबिलिटी और सस्टेनेबिलिटी रिपोर्ट (BRSR) जारी की है। कंपनी ने पर्यावरण और सस्टेनेबिलिटी पर खासा जोर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने 5,014 MWh सोलर पावर पैदा की है और 12,957.87 MT प्लास्टिक कचरे को रिसाइकिल किया है। साथ ही, ट्रॉम्बे स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के जरिए 8,474 मिलियन लीटर पानी को रिसाइकिल करके BPCL और HPCL जैसी कंपनियों को सप्लाई किया गया है।
गवर्नेंस पर सवाल और जुर्माने का संकट
वित्तीय मोर्चे पर मजबूती के बावजूद, कंपनी को रेगुलेटरी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। SEBI (LODR) नियमों का पालन न करने के कारण BSE और NSE ने कंपनी पर ₹52,60,440 का जुर्माना लगाया है। एक्सचेंज का कहना है कि बोर्ड में अनिवार्य इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की संख्या पूरी नहीं थी।
इस पर RCF का पक्ष है कि यह एक सेंट्रल पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (CPSU) है, इसलिए बोर्ड में नियुक्ति का अधिकार भारत के राष्ट्रपति के पास है। कंपनी ने अपनी दलीलें पेश करते हुए इन फाइन को माफ करने का अनुरोध किया है।
आगे क्या?
निवेशकों के लिए अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या स्टॉक एक्सचेंज कंपनी की दलीलों को मानकर जुर्माना माफ करते हैं या नहीं। इसके अलावा, बोर्ड में खाली पड़े इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स के पदों पर सरकारी नियुक्ति प्रक्रिया पर भी निवेशकों की नजरें टिकी रहेंगी।
