Rashtriya Chemicals and Fertilizers (RCF) ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **77.88%** बढ़कर **₹429.81 करोड़** पर पहुंच गया है, वहीं रिवेन्यू में भी **9.13%** की बढ़त दर्ज की गई है।
मुनाफे की रफ्तार और बिजनेस ग्रोथ
कंपनी के शानदार परफॉर्मेंस के पीछे फर्टिलाइजर की रिकॉर्ड बिक्री का बड़ा हाथ है। FY26 में कंपनी ने कुल 37.60 LMT फर्टिलाइजर बेचे हैं। कंपनी ने शेयरधारकों के लिए ₹1.34 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड का भी ऐलान किया है।
बड़े विस्तार की तैयारी
कंपनी अब बड़े कैपिटल एक्सपेंशन मोड में है। बोर्ड ने ₹1,500 करोड़ का FPO और ₹1,100 करोड़ के NCDs (Non-Convertible Debentures) जारी करने को मंजूरी दी है। ये फंड मुख्य रूप से Thal स्थित 1200 MTPD NPK प्लांट और 300 MTPD फॉस्फोरिक एसिड प्लांट के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे, जिनके मार्च 2027 तक शुरू होने की उम्मीद है।
गवर्नेंस और रिस्क फैक्टर
हालांकि नतीजे दमदार हैं, लेकिन निवेशकों को कुछ पहलुओं पर नजर रखनी होगी। सेक्रेटेरियल ऑडिट रिपोर्ट में SEBI (LODR) नियमों के तहत बोर्ड कंपोजिशन में नॉन-कंप्लायंस का मुद्दा उठा है। चूंकि RCF एक सरकारी उपक्रम है, बोर्ड में नियुक्तियां मंत्रालयों के अधीन होती हैं, लेकिन यह गवर्नेंस गैप रेगुलेटरी चिंताएं बढ़ा सकता है।
इसके अलावा, FPO के जरिए आने वाली इक्विटी डाइल्यूशन से निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए। साथ ही, Thal प्रोजेक्ट के समय पर पूरा होने का रिस्क भी लॉन्ग-टर्म वैल्युएशन के लिए अहम रहेगा।
