Rallis India के लिए दूसरी तिमाही चुनौतीपूर्ण रही है। खराब मौसम और Seeds सेगमेंट में सुस्ती के कारण कंपनी का नेट प्रॉफिट **17%** गिरकर **₹85 करोड़** पर आ गया है।
मुनाफे पर दबाव के कारण
सितंबर 2027 को खत्म हुई तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹858 करोड़ पर स्थिर रहा, जबकि EBITDA 18% गिरकर ₹126 करोड़ रह गया। मुख्य रूप से खरीफ सीजन के दौरान हुई अनिश्चित बारिश ने कंपनी के Seeds बिजनेस को बुरी तरह प्रभावित किया, जिससे इस सेगमेंट का रेवेन्यू 31% गिरकर ₹70 करोड़ पर आ गया।
पोर्टफोलियो में बदलाव की तैयारी
कंपनी ने कम मुनाफे वाले पुराने प्रोडक्ट्स को हटाकर नए प्रोडक्ट्स लाने पर जोर दिया है। मैनेजमेंट के अनुसार, नए लॉन्च से कंपनी को ₹200 करोड़ का अतिरिक्त रेवेन्यू मिला है। हालांकि, हर्बिसाइड (herbicide) मार्केट में कड़ी प्रतिस्पर्धा के चलते मार्जिन पर दबाव बना हुआ है जिसे फिलहाल नया प्रोडक्ट मिक्स पूरी तरह बैलेंस नहीं कर पा रहा है।
आगे क्या है रिस्क?
कंपनी की इन्वेंट्री पिछले साल के मुकाबले थोड़ी ज्यादा है। मैनेजमेंट का कहना है कि यह आने वाली मांग के लिए है, लेकिन अगर मानसून और सीजनल रिकवरी में देरी होती है, तो कंपनी की कॉस्ट बढ़ सकती है। इसके अलावा, Red Sea में लॉजिस्टिक्स संबंधी दिक्कतों के कारण एक्सपोर्ट में 2-4 हफ्ते की देरी हो रही है, जिससे सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है।
निवेशकों के लिए अहम संकेत
निवेशकों को अब अप्रैल 2027 में शुरू हुए नए Navi Mumbai R&D सेंटर की प्रोग्रेस और आने वाले रबी सीजन में Seeds सेगमेंट की रिकवरी पर नजर रखनी चाहिए। इसके साथ ही, कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग (CSM) बिजनेस भविष्य के लिए एक बड़ा सहारा साबित हो सकता है।
