Privi Speciality Chemicals के लिए दूसरा क्वार्टर बेहद दमदार रहा है। कंपनी का नेट प्रॉफिट **24.6%** उछलकर **₹117.03 करोड़** पर पहुंच गया है, साथ ही कंपनी ने अपने शेयरधारकों के लिए **₹5** प्रति शेयर के पहले इंटरिम डिविडेंड का ऐलान किया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का दम
कंपनी ने चालू फाइनेंशियल ईयर के दूसरे क्वार्टर में शानदार प्रदर्शन किया है। नेट प्रॉफिट में 24.61% की जोरदार बढ़त के साथ, कुल इनकम भी 13.9% बढ़कर ₹773.16 करोड़ दर्ज की गई। बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी ने इस ग्रोथ में अहम भूमिका निभाई है।
डिविडेंड और बैलेंस शीट में सुधार
कंपनी के बोर्ड ने पहली बार इंटरिम डिविडेंड की घोषणा कर निवेशकों को बड़ा तोहफा दिया है। इसके अलावा, कंपनी का EBITDA 16.66% बढ़कर ₹212.49 करोड़ हो गया है। कंपनी ने अपने वर्किंग कैपिटल साइकिल को 124 दिन से घटाकर 100 दिन से कम करने में सफलता हासिल की है।
लॉन्ग-टर्म विजन और एक्सपेंशन
Privi Speciality Chemicals ने साल 2030 तक ₹5,000 करोड़ के रेवेन्यू का लक्ष्य रखा है। कंपनी का ₹1,400 करोड़ का तीन-फेज वाला कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) प्लान पटरी पर है। फिलहाल, फेज-1 का विस्तार पूरा हो चुका है और क्षमता 54,000 MTPA तक पहुंच गई है। फेज-2 के तहत माल्टोल (Maltol) और एथिल माल्टोल (Ethyl Maltol) जैसे प्रोडक्ट्स का कमर्शियल सेल अगले फाइनेंशियल ईयर की दूसरी छमाही से शुरू होने की उम्मीद है।
इन जोखिमों पर रखें नजर
भविष्य की ग्रोथ के लिए फेज-2 हेतु पेंडिंग रेगुलेटरी अप्रूवल मिलना बेहद जरूरी है। इसके अलावा, कच्चे माल की कीमतों में अस्थिरता, फ्रेट चार्जेस और ग्लोबल सप्लाई चेन पर भू-राजनीतिक तनाव का असर कंपनी के मार्जिन पर पड़ सकता है। निवेशक कंपनी के 'Prigiv' जॉइंट वेंचर की परफॉर्मेंस पर भी नजर बनाए रखें, जो हाल ही में मुनाफे में आया है।
