Prasol Chemicals ने सितंबर तिमाही के शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर **₹4,125.66 मिलियन** और नेट प्रॉफिट **₹379.75 मिलियन** पर पहुंच गया है। हाल ही में कंपनी ने अपना **₹5,000 मिलियन** का IPO भी सफलतापूर्वक पूरा किया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
Prasol Chemicals ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने रेवेन्यू और प्रॉफिट दोनों मोर्चों पर शानदार बढ़ोतरी दर्ज की है। पिछली समान तिमाही में रेवेन्यू ₹2,976.50 मिलियन था, जो इस बार बढ़कर ₹4,125.66 मिलियन हो गया है। वहीं, छमाही (Half-year) नेट प्रॉफिट भी पिछले साल के ₹414.50 मिलियन से काफी ऊपर ₹989.98 मिलियन पहुंच गया है।
क्यों अहम हैं ये नतीजे?
स्पेशियलिटी केमिकल्स के प्रतिस्पर्धी बाजार में कंपनी की ऑपरेशनल दक्षता (Operational Efficiency) साफ दिख रही है। तिमाही के लिए अर्निंग्स पर शेयर (EPS) ₹6.52 रहा है। कंपनी के हालिया ₹5,000 मिलियन के IPO के बाद यह पहला बड़ा फाइनेंशियल अपडेट है। NSE और BSE पर 16 सितंबर, 2026 को लिस्ट होने के बाद, कंपनी अपने ऑपरेशंस को बढ़ाने के लिए मिले ₹800 मिलियन के फ्रेश इश्यू फंड का उपयोग कर रही है।
IPO का गणित
इस IPO के जरिए कंपनी ने ₹676 प्रति शेयर के भाव पर 7,396,437 शेयर जारी किए थे। इसमें ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए ₹4,200 मिलियन जुटाए गए। ऑडिटर ने कंपनी की अकाउंटिंग पर कोई गंभीर सवाल नहीं उठाया है, जो निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत है।
आगे क्या ट्रैक करें?
अगली तिमाहियों में निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि क्या कंपनी अपनी इसी ग्रोथ को बरकरार रख पाती है और IPO से मिले फंड का इस्तेमाल उत्पादन क्षमता बढ़ाने में कितनी प्रभावी ढंग से करती है।
