Platinum Industries के Q2 नतीजे मिले-जुले रहे। जहाँ कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर **₹1,212.66 मिलियन** पहुंच गया, वहीं नेट प्रॉफिट गिरकर **₹75.98 मिलियन** पर आ गया। ऑडिटर्स ने एक **₹98.19 मिलियन** के इंश्योरेंस क्लेम की एंट्री पर आपत्ति जताई है।
मुनाफे पर लगा झटका
Platinum Industries ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त हुई तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। पिछले साल की समान अवधि के ₹983.78 मिलियन के मुकाबले इस बार कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर ₹1,212.66 मिलियन हो गया है। हालांकि, नेट प्रॉफिट में गिरावट देखने को मिली है, जो पिछले साल के ₹109.83 मिलियन से घटकर अब ₹75.98 मिलियन रह गया है।
ऑडिटर्स की 'Qualified Opinion'
इस तिमाही के नतीजों में सबसे बड़ी चिंता ऑडिटर्स (M/s PKF Sridhar & Santhanam LLP) की ओर से आई है। मामला 7 जुलाई, 2025 को 'Platinum Polymers and Additives' (सब्सिडियरी) में लगी आग से जुड़ा है। कंपनी ने ₹98.19 मिलियन का इंश्योरेंस क्लेम अपनी बुक्स में दिखा दिया है। ऑडिटर्स का तर्क है कि इसे समय से पहले बुक किया गया है, क्योंकि इंश्योरेंस कंपनी ने अभी तक इसकी जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की है।
आगे के जोखिम (Risks to watch)
शेयरधारकों के लिए सबसे बड़ा रिस्क यह है कि अगर इंश्योरेंस कंपनी क्लेम को रिजेक्ट कर देती है या कम रकम देती है, तो कंपनी को बड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता है। इतना ही नहीं, IPO से जुटाए गए पैसों में से अभी भी ₹275.82 मिलियन इस्तेमाल नहीं हुए हैं और ये फिक्स्ड डिपॉजिट में पड़े हैं। निवेशकों को अब कंपनी की तरफ से इंश्योरेंस क्लेम पर आने वाले अपडेट्स पर पैनी नजर रखनी चाहिए।
