Platinum Industries ने FY26 में **14.8%** की मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ के साथ **₹4,504 मिलियन** का आंकड़ा छुआ है। कंपनी कैपेसिटी विस्तार की ओर है, लेकिन ऑडिटर की ओर से एक सब्सिडियरी के **₹98.19 मिलियन** के इंश्योरेंस क्लेम पर उठाए गए सवाल और घटते EBITDA मार्जिन ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए अपने नतीजों का ऐलान कर दिया है। जहाँ एक तरफ कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹493.93 मिलियन से बढ़कर ₹512.3 मिलियन हो गया है, वहीं रेवेन्यू में भी अच्छी तेजी दिखी है। हालांकि, निवेशकों को कंपनी के ऑपरेशंस और ऑडिट रिपोर्ट की बारीकियों पर गौर करने की जरूरत है।
मार्जिन पर दबाव का कारण
कंपनी का EBITDA मार्जिन 14.6% से गिरकर 13.3% पर आ गया है। मैनेजमेंट के अनुसार, नए पालघर यूनिट के शुरुआती खर्चों और बढ़ते एम्प्लॉई कॉस्ट के कारण मुनाफे के प्रतिशत पर दबाव देखा गया है।
ऑडिटर्स की 'Qualification'
सबसे बड़ा चिंता का विषय स्वतंत्र ऑडिटर की वह टिप्पणी है, जिसमें 'Platinum Polymers and Additives' नामक सब्सिडियरी के एक ₹98.19 मिलियन के इंश्योरेंस क्लेम को लेकर सवाल उठाए गए हैं। ऑडिटर इस एंटिटी से जुड़े निवेश और लोन की वैल्यू को वेरिफाई नहीं कर पाए हैं, जो कंपनी की फाइनेंशियल रिपोर्टिंग की स्पष्टता पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।
भविष्य की योजनाएं
कंपनी ने अगले फाइनेंशियल ईयर के लिए 40% रेवेन्यू ग्रोथ का लक्ष्य रखा है। साथ ही, कंपनी इजिप्ट में अपना 60,000 MTPA का एक नया प्रोजेक्ट शुरू करने की तैयारी में है, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत कम होने की उम्मीद है। इसके अलावा, Rivadu Lifesciences के जरिए कंपनी अब लाइफ साइंसेज सेक्टर में भी एंट्री ले रही है।
