Phyto Chem (India) Ltd के लिए फाइनेंशियल ईयर 2025-26 काफी चुनौतीपूर्ण रहा। कंपनी का रेवेन्यू **34%** गिरकर **₹10.90 करोड़** पर आ गया, जबकि नेट लॉस बढ़कर **₹1.80 करोड़** हो गया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी के सालाना नतीजों में रेवेन्यू का आंकड़ा पिछले साल के ₹16.55 करोड़ से घटकर ₹10.90 करोड़ पर सिमट गया है। मुनाफे की जगह कंपनी का नेट लॉस पिछले साल के ₹0.99 करोड़ से बढ़कर ₹1.80 करोड़ तक पहुंच गया है। कमजोर परफॉर्मेंस को देखते हुए बोर्ड ने इस बार कोई डिविडेंड न देने का फैसला किया है।
लिक्विडिटी के लिए नई रणनीति
नकदी की भारी कमी से जूझ रही कंपनी अब अपने खाली पड़े एसेट्स का इस्तेमाल करने जा रही है। Phyto Chem अपने Bonthapally मैन्युफैक्चरिंग प्लांट को Tricom Agro Private Limited को 3 साल के लिए लीज पर देने वाली है। इस डील से कंपनी को सालाना ₹1.08 करोड़ का रेंटल इनकम मिलने की उम्मीद है। यह कदम इसलिए जरूरी है क्योंकि मार्च 2026 तक कंपनी के पास कैश और कैश इक्विवेलेंट के तौर पर केवल ₹2.37 लाख ही बचे थे।
बिजनेस में बदलाव और कानूनी अड़चनें
कीटनाशक बाजार में मंदी और खराब मॉनसून के चलते कंपनी अब अपना फोकस बदल रही है। मैनेजमेंट अब फैब्रिकेशन और कंस्ट्रक्शन उत्पादों की ओर शिफ्ट होने की योजना बना रहा है। साथ ही, कंपनी Siri Smelters & Energy Private Limited से ₹6.22 करोड़ की रिकवरी के लिए NCLT में कानूनी लड़ाई लड़ रही है।
