Paradeep Phosphates ने Q2 FY27 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू तो **7%** बढ़कर **₹7,364 करोड़** पहुंच गया है, लेकिन मुनाफे को बड़ा झटका लगा है। कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) **64%** घटकर **₹122 करोड़** रह गया है।
मुनाफे में क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट?
कंपनी के लिए यह तिमाही मिले-जुले नतीजों वाली रही है। सेल्स वॉल्यूम 1 मिलियन टन पर स्थिर रहने के बावजूद, मार्जिन पर चौतरफा दबाव देखा गया है। EBITDA में 38% की गिरावट आई है और यह ₹431 करोड़ पर सिमट गया है। इसके अलावा, Profit Before Tax (PBT) में 65% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
निवेशकों के लिए चिंता की बात
रिटेल निवेशकों को समझने की जरूरत है कि कंपनी के सामने इनपुट कॉस्ट (Input Cost) का बड़ा संकट है। ग्लोबल स्तर पर सल्फर की कीमतों में अस्थिरता और सप्लाई चेन में आ रही रुकावटों ने मुनाफे को बुरी तरह प्रभावित किया है। कंपनी मौजूदा समय में इन लागतों का बोझ ग्राहकों पर डालने में असफल रही है, जिसका असर नतीजों में दिख रहा है।
कैपेसिटी एक्सपेंशन और भविष्य की योजनाएं
निराशाजनक नतीजों के बीच कंपनी का फोकस लंबी अवधि के विकास पर है। Paradeep में 'Phos Acid' प्लांट की क्षमता 5,00,000 MTPA से बढ़ाकर 7,00,000 MTPA करने का काम पटरी पर है। वहीं, गोवा प्लांट में एनर्जी एफिशिएंसी प्रोजेक्ट पूरा हो चुका है, जिससे यूरिया उत्पादन में ऊर्जा की खपत में 0.3 GCal/MT की कमी आई है।
आगे क्या होगा?
निवेशकों को ग्लोबल सप्लाई चेन और सल्फर की कीमतों पर पैनी नजर रखनी चाहिए। रबी सीजन के नतीजों का पूरा असर आने वाले क्वार्टर में दिखाई देगा, जिसके बाद ही मार्जिन में सुधार की उम्मीद की जा सकती है।
