PCBL ने शानदार नतीजों के साथ दूसरी तिमाही में **20%** की ग्रोथ दर्ज की है। कंपनी का नेट प्रॉफिट **₹74 करोड़** रहा है। हालांकि कंपनी ने वॉल्यूम के बजाय मार्जिन पर ध्यान देने की रणनीति अपनाई है ताकि ग्लोबल चुनौतियों से निपटा जा सके।
मुनाफे में दमदार तेजी
PCBL के लिए Q2 FY27 काफी संतुलित रहा है। कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 14% बढ़कर ₹2,474 करोड़ हो गया है। मार्जिन बचाने के लिए कंपनी ने दक्षिण-पूर्व एशिया जैसे बाजारों में कम मुनाफे वाले स्पॉट ऑर्डर्स को लेने से मना कर दिया है। इसका सीधा असर मुनाफे पर दिख रहा है, जो 20% की बढ़त के साथ ₹74 करोड़ पर पहुंच गया है। कंपनी का EBITDA ₹310 करोड़ रहा है, जिसमें सालाना 12% की वृद्धि दर्ज की गई है।
कॉस्ट कटिंग का असर ('Project Alchemy')
रूस और वेस्ट एशिया के भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे माल की उपलब्धता में काफी उतार-चढ़ाव है। इस बीच, कंपनी का 'Project Alchemy' कॉस्ट-सेविंग प्रोग्राम कारगर साबित हो रहा है। इसके जरिए कंपनी ने तिमाही आधार पर अपने ओपेक्स और कर्मचारी खर्च में ₹53 करोड़ की कमी की है। मैनेजमेंट ने कुल ₹200-250 करोड़ की बचत का लक्ष्य रखा है।
भविष्य की चुनौतियां और लक्ष्य
कंपनी ने साफ कर दिया है कि FY27 के लिए तय 7% वॉल्यूम ग्रोथ का लक्ष्य फिलहाल चुनौतियों का सामना कर रहा है। हालांकि, कंपनी का इस साल का Capex ₹300 करोड़ पर स्थिर है और सारा ध्यान कोल डिस्टिलेशन प्रोजेक्ट की मंजूरी पर है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
इन्वेस्टर्स के लिए कंपनी का Nanovace जॉइंट वेंचर एक बड़ा ट्रिगर हो सकता है। पैलेज (Palej) पायलट प्रोजेक्ट के लिए सैंपल फिलहाल टेस्टिंग फेज में हैं। कंपनी अब बैटरी मार्केट के लिए सिलिकॉन-कार्बन कंपोजिट सॉल्यूशन पर फोकस कर रही है, जो भविष्य की ग्रोथ में बड़ी भूमिका निभा सकता है।
