Oriental Aromatics: ₹1,000 करोड़ रेवेन्यू पार, पर मुनाफे में **90%** की भारी गिरावट!

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AuthorNeha Patil|Published at:
Oriental Aromatics: ₹1,000 करोड़ रेवेन्यू पार, पर मुनाफे में **90%** की भारी गिरावट!

Oriental Aromatics ने इस फाइनेंशियल ईयर में **₹1,000 करोड़** से ज्यादा का रेवेन्यू तो दर्ज किया, लेकिन कंपनी का मुनाफा **90%** तक गिर गया। इसका मुख्य कारण कच्चे माल की बढ़ी कीमतें और नई फैसिलिटी को सेटल करने की लागत है। कंपनी ने **₹0.50** प्रति शेयर डिविडेंड की सिफारिश की है।

Detailed Coverage

Oriental Aromatics FY26 नतीजे: ₹1,000 करोड़ पार रेवेन्यू, पर मुनाफे में भारी गिरावट!

कंसोलिडेटेड रेवेन्यू: ₹1,030.78 करोड़
साल का मुनाफा: ₹3.31 करोड़

निवेशकों के लिए खास: रेवेन्यू का बड़ा मुकाम हासिल, लेकिन मार्जिन पर दबाव और निगेटिव क्रेडिट आउटलुक चिंता का विषय।

क्या हुआ?
Oriental Aromatics Ltd. ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए ₹1,030.78 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू रिपोर्ट किया है, जो पिछले साल के मुकाबले 11% ज्यादा है। हालांकि, कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी में बड़ी गिरावट आई है, इस साल का मुनाफा घटकर सिर्फ ₹3.31 करोड़ रह गया, जबकि पिछले फाइनेंशियल ईयर में यह ₹34.33 करोड़ था। कंपनी के बोर्ड ने ₹0.50 प्रति इक्विटी शेयर फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है।

यह क्यों मायने रखता है?
रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद मुनाफे में इतनी बड़ी गिरावट कंपनी के मार्जिन पर पड़ रहे दबाव को दिखाती है। कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी, ग्लोबल प्राइसिंग की दिक्कतें और महाड फैसिलिटी को स्टेबल करने में आई लागत ने बॉटम लाइन को प्रभावित किया है। ICRA से मिला निगेटिव क्रेडिट रेटिंग आउटलुक निवेशकों के लिए चिंता बढ़ा रहा है।

पर्दे के पीछे की कहानी
पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY 2024-25) में Oriental Aromatics ने ₹928.26 करोड़ का रेवेन्यू और ₹34.33 करोड़ का मुनाफा कमाया था। इस साल ₹1,000 करोड़ रेवेन्यू का आंकड़ा पार करना एक अहम पड़ाव है।

अब क्या बदलेगा?
कंपनी का मैनेजमेंट अब प्रॉफिटेबिलिटी सुधारने और ऑपरेशंस को स्टेबल करने पर ध्यान केंद्रित करेगा, खासकर महाड फैसिलिटी में। निवेशक फैसिलिटी के रैंप-अप और कैपेसिटी यूटिलाइजेशन में सुधार के साथ मार्जिन में रिकवरी के संकेत देखेंगे।

देखने लायक जोखिम
ICRA ने कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी में आई कमी और वर्किंग कैपिटल की बढ़ती जरूरतों के कारण क्रेडिट रेटिंग आउटलुक को स्टेबल से निगेटिव कर दिया है। महाड फैसिलिटी के स्टैबिलाइजेशन फेज का मार्जिन पर असर जारी है, और टारगेट यूटिलाइजेशन लेवल तक पहुंचना महत्वपूर्ण है।

आगे क्या ट्रैक करें?
निवेशकों को महाड फैसिलिटी की कैपेसिटी यूटिलाइजेशन, मार्जिन में सुधार के रुझान और क्रेडिट रेटिंग आउटलुक पर किसी भी नए अपडेट पर नजर रखनी चाहिए। कच्चे माल की लागत और ग्लोबल प्राइसिंग को मैनेज करने में मैनेजमेंट की काबिलियत भी अहम साबित होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.