Nexxus Petro Industries ने FY26 के नतीजों में अपनी मजबूती दिखाई है। हालांकि कंपनी का रेवेन्यू **14.1%** घटकर **₹26,187.38 लाख** रहा, लेकिन बेहतर कॉस्ट मैनेजमेंट की बदौलत नेट प्रॉफिट **5%** बढ़कर **₹639.39 लाख** पर पहुंच गया है।
मुनाफे की इनसाइड स्टोरी
Nexxus Petro Industries Limited (NPIL) के लिए साल 2025-26 काफी चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन कंपनी ने कुशलता से प्रॉफिटेबिलिटी को संभाला है। कंपनी का ग्रॉस प्रॉफिट 22.1% की उछाल के साथ ₹3,312.89 लाख रहा, जिसकी मुख्य वजह मटेरियल की लागत में 17.7% की बड़ी कटौती है।
नई रणनीति: सस्टेनेबिलिटी पर फोकस
कंपनी ने अब हाई-मार्जिन ऑपरेशंस की तरफ रुख किया है। इसके तहत पाली (Pali) प्लांट में 30 TPD क्षमता वाली 'टायर पायरोलिसिस ऑयल' (TPO) मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी शुरू की गई है। इस यूनिट की क्षमता को भविष्य में 60 TPD तक ले जाने की योजना है। यह कदम कंपनी को सिर्फ कमोडिटी ट्रेडिंग से निकालकर रोड कंस्ट्रक्शन सेक्टर के एक स्टेबल सप्लायर के रूप में स्थापित करेगा।
बोर्ड और गवर्नेंस अपडेट
कंपनी 29 सितंबर, 2026 को अपनी सालाना आम बैठक (AGM) आयोजित करने जा रही है। इसमें मैनेजिंग डायरेक्टर हर्ष मोहनलाल सेंघानी और होल-टाइम डायरेक्टर राहुल मोहनलाल सेंघानी को अगले 5 सालों के लिए फिर से नियुक्त करने पर शेयरहोल्डर्स वोट करेंगे।
जोखिम और चुनौतियां
रेवेन्यू में 14.1% की गिरावट का मुख्य कारण ग्लोबल सप्लाई चेन में आई बाधाएं और मैरीटाइम लॉजिस्टिक्स की समस्याएं हैं। कंपनी की आगे की राह पाली स्थित TPO प्लांट की सफलता और कच्चे माल की कम लागत को बनाए रखने पर निर्भर करेगी। साथ ही, कंपनी Mundra, Pali और Bhopal में कुल 550 MT/दिन की प्रोसेसिंग क्षमता के साथ सर्कुलर इकोनॉमी के क्षेत्र में अपने पैर पसार रही है।
