Nexxus Petro Industries ने FY26 के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू 14.12% घटकर ₹261.87 करोड़ रहा, लेकिन शानदार मार्जिन के चलते नेट प्रॉफिट 5.02% बढ़कर ₹6.39 करोड़ पर पहुंच गया।
Nexxus Petro Industries Ltd. का FY26 का लेखा-जोखा
Nexxus Petro Industries Ltd. ने वित्त वर्ष 2026 (31 मार्च 2026 को समाप्त) के अपने नतीजों का ऐलान किया है। कंपनी का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस 14.12% घटकर ₹261.87 करोड़ रहा, जो पिछले वित्त वर्ष (FY25) में ₹304.93 करोड़ था।
रेवेन्यू घटने के बावजूद प्रॉफिट कैसे बढ़ा?
हालांकि, कंपनी ने बेहतर मार्जिन वाली प्रोडक्ट्स पर फोकस करके प्रॉफिटेबिलिटी में इजाफा दर्ज किया है। EBITDA में 7.29% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹12.07 करोड़ तक पहुंच गया, जो पिछले साल ₹11.25 करोड़ था। वहीं, नेट प्रॉफिट (PAT) भी 5.02% बढ़कर ₹6.39 करोड़ हो गया, जबकि FY25 में यह ₹6.09 करोड़ था।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
कम रेवेन्यू के बावजूद प्रॉफिट में यह बढ़ोतरी कंपनी की वैल्यू-ऐडेड प्रोडक्ट्स की ओर सफल स्ट्रैटेजिक शिफ्ट को दिखाती है। इन प्रोडक्ट्स पर कंपनी को ज्यादा मार्जिन मिलता है। यह दर्शाता है कि कंपनी चुनौतीपूर्ण रेवेन्यू माहौल में भी अपने बॉटम लाइन को बचाने में कामयाब रही है।
कंपनी की स्ट्रैटेजी
Nexxus Petro खास तौर पर हाई-मार्जिन वाले प्रोडक्ट्स जैसे पॉलीमर मॉडिफाइड बिटुमेन (PMB) और क्रम्ब रबर मॉडिफाइड बिटुमेन (CRMB) पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कंपनी के पास 2031 तक क्रिषिबिंद बायो-बिटुमेन टेक्नोलॉजी का लाइसेंस भी है, जो इंपोर्ट पर निर्भरता कम करने की सरकारी पहल के अनुरूप है। कंपनी के तीन प्लांट्स हैं, जिनमें मुंद्रा एक प्रमुख इंपोर्ट हब है।
आगे क्या उम्मीद करें?
यह नतीजे कंपनी की मौजूदा स्ट्रैटेजी की सफलता को दर्शाते हैं। निवेशक अब यह देखेंगे कि क्या Nexxus Petro इस मार्जिन सुधार के ट्रेंड को जारी रख पाती है। कंपनी के लिए अब फोकस रेवेन्यू ग्रोथ को बढ़ाने और इनपुट कॉस्ट की अस्थिरता को मैनेज करने पर होगा।
जोखिम:
Nexxus Petro के लिए एक बड़ा कंसर्न बिटुमेन इंपोर्ट की कीमतों में उतार-चढ़ाव है, जिसका सीधा असर लागत और प्रॉफिट पर पड़ता है। रेवेन्यू में गिरावट भी एक चिंता का विषय है, जो स्टैंडर्ड प्रोडक्ट्स की डिमांड या प्राइसिंग पावर में संभावित चुनौतियों का संकेत देता है।
