Natura Hue Chem Limited के नतीजे निवेशकों के लिए चिंताजनक हैं। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू शून्य रहा है, जबकि नेट लॉस बढ़कर **₹117.50 लाख** पर पहुंच गया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी के लिए यह साल बेहद मुश्किल भरा रहा है। लगातार दूसरे साल कंपनी का रेवेन्यू शून्य रहा है। जहाँ पिछले साल घाटा मात्र ₹1.03 लाख था, वहीं इस बार कंपनी के कुल खर्चे बढ़कर ₹126.37 लाख हो गए हैं, जिससे नेट लॉस में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
गवर्नेंस और ऑडिटर में बदलाव
कंपनी में बड़े प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। कंपनी के स्टैच्युटरी ऑडिटर M/s Batra Deepak & Associates ने 1 सितंबर, 2026 से इस्तीफा दे दिया है। उनकी जगह लेने के लिए KCMG & Associates के नाम का प्रस्ताव रखा गया है, जिस पर 29 सितंबर, 2026 को होने वाली 31वीं AGM में मुहर लगेगी।
नियामक मुश्किलें (Regulatory Woes)
कंपनी ने यह भी खुलासा किया है कि मिनिस्ट्री ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स (MCA) ने 5 अगस्त, 2025 को एक पेनल्टी ऑर्डर जारी किया था। यह कार्रवाई कंपनी और उसके डायरेक्टर्स पर 'कंपनीज एक्ट 2013' की धारा 203(5) के उल्लंघन के मामले में की गई है।
आगे की राह
मैनेजमेंट का कहना है कि कामकाज ठप होने की वजह से वित्तीय प्रदर्शन खराब हुआ है और वे इसे रिवाइव करने के विकल्प तलाश रहे हैं। हालांकि, अभी तक किसी ठोस योजना या समय सीमा की जानकारी नहीं दी गई है। इन्वेस्टर्स के लिए आगामी AGM काफी महत्वपूर्ण होगी, जहां मैनेजमेंट को रेवेन्यू की कमी और रेगुलेटरी अनुपालन पर कड़े सवालों का सामना करना पड़ सकता है।
