National Peroxide Ltd ने FY 2025-26 के लिए शानदार वापसी करते हुए ₹5.82 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जबकि पिछले साल कंपनी को ₹2.24 करोड़ का नुकसान हुआ था। निवेशकों को खुश करने के लिए कंपनी ने प्रति शेयर ₹7 के डिविडेंड का ऐलान भी किया है।
मुनाफे में वापसी और डिविडेंड का तोहफा
National Peroxide Ltd (NPL) ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में अपनी सुस्त चाल को पीछे छोड़ते हुए मजबूती से वापसी की है। कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹5.82 करोड़ रहा है। कंपनी के बोर्ड ने शेयरधारकों के लिए ₹7 प्रति शेयर के डिविडेंड की सिफारिश की है, जो शेयर की फेस वैल्यू का 70% है। इस पर मुहर 29 सितंबर, 2026 को होने वाली AGM में लगेगी और इसके लिए 22 सितंबर, 2026 की रिकॉर्ड डेट तय की गई है।
ऑपरेशंस में सुधार
मुनाफे की इस दौड़ में कंपनी का EBITDA भी बढ़ा है, जो पिछले साल के ₹19.70 करोड़ से बढ़कर ₹30.21 करोड़ पर पहुंच गया है। कंपनी का रेवेन्यू भी बढ़कर ₹295.68 करोड़ रहा है। हालांकि, कंपनी को हाल ही में अपने ERP सिस्टम में एक कॉन्फ़िगरेशन एरर का सामना करना पड़ा, जिसके कारण कच्चे माल की लागत ₹694.63 लाख कम दिखाई गई थी, जिसे अब दुरुस्त कर लिया गया है।
रिस्क और मैनेजमेंट में बदलाव
सावधानी के नजरिए से देखें तो, India Ratings & Research (Ind-Ra) ने कंपनी की रेटिंग को 'IND A' से घटाकर 'IND A- (Negative Outlook)' कर दिया है। इसके अलावा, कंपनी की लीडरशिप में भी काफी बदलाव देखने को मिले हैं। चिराग कोठारी को CFO और CRO और अक्षय सतासिया को कंपनी सेक्रेटरी नियुक्त किया गया है।
कंपनी अब हाइड्रोजन पेरोक्साइड के उत्पादन में 150,000 MTPA की क्षमता के साथ सेमीकंडक्टर, रिन्यूएबल एनर्जी और EV सेगमेंट्स पर दांव लगा रही है ताकि भविष्य में बाजार की अनिश्चितताओं से बेहतर तरीके से निपटा जा सके।
