Nagarjuna Fertilizers and Chemicals के जून 2026 तिमाही के नतीजे बेहद खराब रहे हैं। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू जीरो रहा है और इसके सभी कोर एसेट्स बिक चुके हैं। ऑडिटर्स ने कंपनी को 'Non-Going Concern' माना है और यह अब NCLT की प्रक्रिया से गुजर रही है।
ऑपरेशंस पूरी तरह ठप
जून 2026 में समाप्त हुई तिमाही के लिए Nagarjuna Fertilizers and Chemicals Ltd ने अपनी फाइलिंग में चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए हैं। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू निल (Nil) रहा है। कंपनी को इस तिमाही में ₹5.56 करोड़ का नेट लॉस हुआ है, जबकि कुल इनकम मात्र ₹0.60 करोड़ रही, जिसके मुकाबले खर्च ₹6.16 करोड़ दर्ज किए गए।
क्यों चिंता का विषय है?
स्टैच्युटरी ऑडिटर ने 'Emphasis of Matter' में साफ कर दिया है कि कंपनी अब 'गोइंग कंसर्न' (Going Concern) नहीं रही। इसका मतलब है कि कंपनी का बिजनेस अब सुचारू रूप से चलने की स्थिति में नहीं है। ACRE को अपने सभी कोर और नॉन-कोर एसेट्स बेचने के बाद, कंपनी के पास अब कोई भी बिजनेस या एसेट नहीं बचा है जिससे रेवेन्यू जनरेट हो सके।
IBC और NCLT का संकट
कंपनी फिलहाल Insolvency and Bankruptcy Code (IBC) के तहत National Company Law Tribunal (NCLT) की निगरानी में है और लिक्विडेशन की प्रक्रिया से गुजर रही है।
जोखिम और चुनौतियां
कंपनी की वित्तीय सेहत बेहद नाजुक है। मौजूदा देनदारियां (Liabilities) कंपनी की एसेट्स से ₹880.57 करोड़ ज्यादा हैं। इसके अलावा, कंपनी पर सरकारी सब्सिडी विवाद, एनर्जी क्लेम और रॉयल्टी जैसे करीब ₹1,314.98 करोड़ के आकस्मिक (Contingent) कानूनी दावे भी लटके हुए हैं।
निवेशकों को अब NCLT द्वारा नियुक्त रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (Resolution Professional) की अगली अपडेट्स पर नजर रखनी चाहिए, जो एसेट डिस्ट्रीब्यूशन और बाकी देनदारियों के निपटारे पर अंतिम फैसला लेंगे।
