Maximus International ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए अपने नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू **18%** बढ़कर **₹184.81 करोड़** पर पहुंच गया है, जबकि नेट प्रॉफिट में **2.2%** की बढ़त देखी गई है।
मुनाफे में कैसी रही कंपनी की चाल?
कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में अपनी टॉप-लाइन ग्रोथ को मजबूती से बरकरार रखा है। कुल रेवेन्यू ₹184.81 करोड़ के आंकड़े को पार कर गया है। वहीं, अगर प्रॉफिट की बात करें, तो कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹9.30 करोड़ रहा है। हालांकि, प्रॉफिट में मामूली बढ़ोतरी ही देखने को मिली है, लेकिन रेवेन्यू में 18% का इजाफा कंपनी की मजबूत पकड़ को दर्शाता है।
अफ्रीका और मिडिल ईस्ट में विस्तार की तैयारी
मैनेजमेंट ने भविष्य के लिए आक्रामक रणनीति तैयार की है। कंपनी अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को यूएई (UAE) और केन्या में बढ़ाने पर जोर दे रही है। केन्या में Q3 FY 2026-27 तक नई ग्रीस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट शुरू करने की योजना कंपनी के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है। इसके अलावा, तंजानिया के बाजार में उतरकर कंपनी ईस्ट अफ्रीकन नेटवर्क को और गहरा करने की फिराक में है।
गवर्नेंस और बोर्ड अपडेट्स
कंपनी के भीतर कुछ अहम बदलाव भी हुए हैं। मैनेजिंग डायरेक्टर Dipak Raval को अगले 5 साल के लिए फिर से नियुक्त किया गया है। साथ ही, कंपनी ने नए स्टैच्यूटरी ऑडिटर्स के रूप में M/s. Ambalal M. Shah & Co. को नियुक्त किया है। गौर करने वाली बात यह है कि पिछले ऑडिटर्स ने फीस स्ट्रक्चर को लेकर असहमति जताई थी, जिसके बाद यह बदलाव हुआ है। अब आने वाली AGM में शेयरहोल्डर्स से रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन पर भी मंजूरी ली जाएगी, जिस पर निवेशकों की नजर बनी रहनी चाहिए।
