Manali Petrochemicals ने Q2 FY27 के लिए दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड मुनाफा पिछले साल के **₹18.15 करोड़** से बढ़कर **₹63.50 करोड़** पर पहुंच गया है, वहीं रेवेन्यू भी बढ़कर **₹395.57 करोड़** हो गया है।
मुनाफे में छलांग की कहानी
कंपनी ने 30 सितंबर 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए शानदार फाइनेंशियल परफॉर्मेंस दिखाई है। स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) ₹53.47 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही के महज ₹0.18 करोड़ के मुकाबले एक बड़ी छलांग है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू भी पिछले साल के ₹248.04 करोड़ से बढ़कर ₹395.57 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है।
निवेशकों के लिए चेतावनी के संकेत
नतीजे तो मजबूत हैं, लेकिन निवेशकों को दो अहम मामलों पर नजर रखनी चाहिए:
- लीज रिन्यूअल: कंपनी की 'यूनिट-II' जमीन की लीज 2017 में ही खत्म हो चुकी है। तमिलनाडु सरकार के पास 30 साल के रिन्यूअल के लिए अर्जी दी गई है, लेकिन यह मामला अभी भी पेंडिंग है।
- इंश्योरेंस क्लेम: चक्रवात 'माइचौंग' से हुए नुकसान को लेकर अभी भी सेटलमेंट बाकी है। सितंबर 2026 तक कंपनी के पास ₹11.80 करोड़ का इंश्योरेंस रिसीवेबल बकाया है, जिसका अंतिम मूल्यांकन होना अभी बाकी है।
आगे की राह
आने वाले दिनों में मार्केट की नजर इस बात पर होगी कि तमिलनाडु सरकार लीज को लेकर क्या फैसला लेती है और इंश्योरेंस सेटलमेंट की प्रक्रिया कितनी जल्दी पूरी होती है। ये दोनों ही मुद्दे कंपनी की एसेट कंटिन्यूटी के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं।
