Lords Chloro Alkali ने FY26 के लिए नेट प्रॉफिट में 361% की भारी उछाल दर्ज की है, जो ₹28.49 करोड़ रहा। कंपनी ने क्षमता विस्तार और ग्रीन एनर्जी के लिए ₹165 करोड़ के Capex की भी मंजूरी दी है।
Lords Chloro Alkali का शानदार प्रदर्शन: FY26 में हुआ 361% मुनाफा
Lords Chloro Alkali Ltd. ने वितीय साल 2025-26 के लिए अपने नतीजों का ऐलान किया है, जिसमें कंपनी ने कमाल का प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹6.18 करोड़ से बढ़कर 361% की जोरदार उछाल के साथ ₹28.49 करोड़ पर पहुंच गया है। वहीं, कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस में भी 44.37% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹390.14 करोड़ दर्ज किया गया, जो पिछले साल ₹270.22 करोड़ था। इसके अलावा, EBITDA में भी 159.3% का शानदार इजाफा देखा गया और यह ₹66.38 करोड़ रहा।
क्यों महत्वपूर्ण है यह उछाल?
यह जबरदस्त प्रदर्शन कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार, बेहतर प्रोडक्ट प्राइसिंग और लागत में कमी, खासकर पावर कंजम्पशन को लेकर, को दर्शाता है। यह बड़ा मुनाफा शेयरधारकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है, जो कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और बाजार की परिस्थितियों का फायदा उठाने की काबिलियत को दिखाता है।
कंपनी की आगे की योजना
कंपनी ने ₹165 करोड़ का एक बड़ा कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) प्लान तैयार किया है, जिसका मकसद अपनी मुख्य प्रोडक्शन कैपेसिटी को बढ़ाना है। इसके तहत, FY27 तक कास्टिक सोडा की क्षमता को 360 TPD तक और क्लोरिनेटेड पैराफिन वैक्स (CPW) की क्षमता को दोगुना करके 100 TPD तक ले जाने की योजना है।
कंपनी ग्रीन केमिस्ट्री की ओर भी कदम बढ़ा रही है। Lords Chloro Alkali ने पहले ही 16 MW सोलर पावर प्लांट चालू कर दिया है और 21 MW का और विस्तार करने की योजना बना रही है, जिससे वह अपनी कुल पावर का 40-50% रिन्यूएबल एनर्जी से हासिल करना चाहती है। इससे न केवल ESG परफॉर्मेंस सुधरेगी, बल्कि पावर कॉस्ट में भी कमी आएगी।
शेयरधारकों की मंजूरी का इंतज़ार
कंपनी अपने विस्तार प्रोजेक्ट्स के लिए 11 सितंबर, 2026 को होने वाली 47वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों से ₹500 करोड़ तक का कर्ज बढ़ाने की मंजूरी मांगेगी। इसके अलावा, कर्मचारियों और डायरेक्टर्स के लिए एक ESOP स्कीम का भी प्रस्ताव है।
किन जोखिमों पर रखें नज़र?
क्लोरो-अल्कली इंडस्ट्री में कच्चे माल और एनर्जी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जैसे जोखिम अभी भी बने हुए हैं। कंपनी को अंतरराष्ट्रीय इम्पोर्ट से भी कॉम्पिटिशन का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही, इन्वेस्टर एजुकेशन एंड प्रोटेक्शन फंड (IEPF) के लिए ₹11.64 लाख का एक पेंडिंग रिकंसीलिएशन भी ध्यान देने योग्य है।
भविष्य के लिए क्या देखें?
निवेशक अब ₹165 करोड़ के Capex प्लान के एग्जीक्यूशन और रिन्यूएबल एनर्जी के लक्ष्यों की दिशा में कंपनी की प्रगति पर नज़र रखेंगे। AGM में कर्ज सीमा और ESOP स्कीम से जुड़े प्रस्तावों के नतीजे भी महत्वपूर्ण होंगे।
