Kiri Industries ने अपनी 28वीं AGM में पूंजी विस्तार और ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी के लिए शेयरहोल्डर्स से मंजूरी मांगी है। कंपनी प्रमोटर्स को वारंट जारी करने और अपनी उधारी (Borrowing) की सीमा को बढ़ाने पर विचार कर रही है।
AGM के मुख्य एजेंडे
Kiri Industries Limited ने 29 सितंबर, 2026 को अपनी 28वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) आयोजित की। चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मनीष किरी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कंपनी ने अपने फाइनेंशियल स्ट्रक्चर में बदलाव के लिए शेयरहोल्डर्स का समर्थन मांगा है।
क्यों है यह बदलाव अहम?
प्रमोटर्स को प्रेफरेंशियल वारंट जारी करने का प्रस्ताव कंपनी में नई पूंजी लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। आमतौर पर इसे प्रमोटर्स के लंबी अवधि के विश्वास के तौर पर देखा जाता है। इसके अलावा, कंपनी ने कंपनी अधिनियम की धारा 180, 185 और 186 के तहत अपनी उधारी और निवेश की सीमाओं को बढ़ाने की अनुमति मांगी है। इसका सीधा मतलब यह है कि कंपनी बड़े निवेश और डेट-रिफाइनेंसिंग के लिए खुद को तैयार कर रही है।
किन कंपनियों के साथ डील पर चर्चा?
AGM में Indo Asia Copper Limited और Lonsen Kiri Chemical Industries Limited के साथ कुछ महत्वपूर्ण 'रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन' (Related Party Transactions) के लिए भी मंजूरी मांगी गई है।
आगे क्या?
फिलहाल निवेशक फाइनल 'स्क्रूटिनाइजर रिपोर्ट' का इंतजार कर रहे हैं। ई-वोटिंग और AGM के दौरान हुई वोटिंग के नतीजे जल्द ही स्टॉक एक्सचेंजों, कंपनी की वेबसाइट और CDSL पर जारी किए जाएंगे। शेयरहोल्डर्स के लिए अब यह देखना जरूरी होगा कि क्या इन स्पेशल रेजोल्यूशंस को जरूरी बहुमत मिलता है या नहीं।
