Kiri Industries के लिए एक बड़ी खबर है। कंपनी को BSE और NSE से **60,82,600** वारंट्स जारी करने के लिए इन-प्रिंसिपल मंजूरी मिल गई है। यह कदम कंपनी की कैपिटल जुटाने की योजना का अहम हिस्सा है।
रेगुलेटरी माइलस्टोन और आगे की राह
Kiri Industries ने एक्सचेंज के स्तर पर एक बड़ा पड़ाव पार कर लिया है। कंपनी को कुल 60,82,600 वारंट्स जारी करने की अनुमति मिली है, जो इक्विटी शेयरों में कनवर्ट किए जा सकेंगे। यह पूरा आवंटन कंपनी के प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप को प्रेफरेंशियल आधार (Preferential Basis) पर किया जाएगा।
क्यों है यह महत्वपूर्ण?
यह मंजूरी कंपनी के कैपिटल इंफ्यूजन प्लान के लिए एक बड़े कदम की तरह है। एक्सचेंज से क्लियरेंस मिलने के बाद, अब कंपनी अंतिम अलॉटमेंट और लिस्टिंग की प्रक्रिया की ओर बढ़ेगी। इससे कंपनी का कैपिटल स्ट्रक्चर मजबूत होगा।
नियमों की सख्ती (Compliance Watch)
इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए कंपनी को SEBI (ICDR) रेगुलेशंस 2018 और Companies Act, 2013 के कड़े नियमों का पालन करना होगा। एक्सचेंजों ने स्पष्ट किया है कि:
- अलॉटी (Allottees) को इंट्रा-डे ट्रेडिंग करने की मनाही होगी।
- नए सिक्योरिटीज़ के अलॉटमेंट होने तक प्रमोटर्स कंपनी के मौजूदा शेयरों को नहीं बेच सकेंगे।
- कंपनी को ट्रेड पर कड़ी नजर रखनी होगी ताकि SEBI के किसी भी नियम का उल्लंघन न हो।
अब निवेशकों को कंपनी की ओर से आने वाले अलॉटमेंट नोटिस और फाइनल लिस्टिंग फाइलिंग का इंतज़ार है, जो यह सुनिश्चित करेगा कि शेयर सही तरीके से बाजार में लिस्ट हों।
