Kiri Industries ने अपने प्रमोटर ग्रुप को **60.8 लाख** से ज्यादा कन्वर्टिबल वारंट्स जारी करने की मंजूरी दी है। **₹475** प्रति शेयर की कीमत पर जारी होने वाले इन वारंट्स से कंपनी लगभग **₹288.92 करोड़** जुटाएगी, जो कंपनी की ग्रोथ के प्रति प्रमोटर्स के भरोसे को दर्शाता है।
प्रमोटर्स का भरोसा बढ़ा
Kiri Industries ने फंड जुटाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने 60,82,600 कन्वर्टिबल वारंट्स जारी करने का प्रस्ताव पास किया है। इन वारंट्स का अलॉटमेंट मनीषकुमार किरी, अनुपमा मनीषकुमार किरी और हेमिल् मनीषकुमार किरी जैसे प्रमोटर्स को किया जाएगा। हर वारंट की कीमत ₹475 तय की गई है, जिसमें ₹10 की फेस वैल्यू और ₹465 का प्रीमियम शामिल है।
इस फैसले का मतलब क्या है?
यह प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट कंपनी के लिए पूंजी जुटाने का एक स्ट्रैटेजिक तरीका है। वारंट्स के जरिए अगले 18 महीनों में कंपनी के पास व्यवस्थित तरीके से फंड आता रहेगा। यह न केवल कंपनी के पास लिक्विडिटी बढ़ाएगा, बल्कि प्रमोटर्स का बढ़ता स्टेक यह संकेत देता है कि मैनेजमेंट कंपनी के भविष्य को लेकर काफी आश्वस्त है।
निवेशकों के लिए क्या बदलेगा?
जब ये वारंट्स पूरी तरह से इक्विटी में बदल जाएंगे, तो कंपनी की पेड-अप इक्विटी शेयर कैपिटल में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी करीब 4.98% बढ़ जाएगी। कंपनी ने अपनी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 29 सितंबर, 2026 को बुलाई है, जहां इन कॉर्पोरेट फैसलों पर विस्तार से चर्चा की जा सकती है।
आगे क्या ट्रैक करें?
निवेशकों को अब रेगुलेटरी मंजूरी और इन वारंट्स के इक्विटी में बदलने की समय-सीमा पर नजर रखनी चाहिए। AGM की कार्यवाही से यह साफ हो पाएगा कि कंपनी जुटाए गए इस फंड का इस्तेमाल किस तरह से करने वाली है।
