Jayshree Chemicals ने जून 2026 तिमाही के लिए **₹0.07 करोड़** का आफ्टर टैक्स प्रॉफिट (PAT) दर्ज किया है। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी को घाटा हुआ था। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले **55%** बढ़कर **₹6.56 करोड़** हो गया है।
Jayshree Chemicals लिमिटेड के Q1 FY27 के नतीजे
रेवेन्यू: ₹6.56 करोड़ (₹656.21 लाख)
आफ्टर टैक्स प्रॉफिट (PAT): ₹0.07 करोड़ (₹7.34 लाख)
मुख्य बातें: मुनाफा वापस पटरी पर, रेवेन्यू ग्रोथ अच्छी, पर पिछले तिमाही के मुकाबले मुनाफा घटा।
क्या हुआ?
Jayshree Chemicals लिमिटेड ने 30 जून, 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए ₹0.07 करोड़ का आफ्टर टैक्स प्रॉफिट (PAT) घोषित किया है। यह पिछले साल की इसी तिमाही (30 जून, 2025) के ₹0.17 करोड़ के घाटे से एक बड़ी रिकवरी है। कंपनी का रेवेन्यू भी बढ़कर ₹6.56 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹4.23 करोड़ था।
यह क्यों मायने रखता है?
मुनाफे में वापसी निवेशकों के लिए एक अच्छी खबर है, जो कंपनी में सुधार का संकेत देती है। साल-दर-साल रेवेन्यू में हुई यह ग्रोथ बिजनेस एक्टिविटी बढ़ने की ओर इशारा करती है। हालांकि, यह ध्यान देने वाली बात है कि यह मुनाफा मार्च 2026 की तिमाही के ₹0.19 करोड़ के मुनाफे से कम है।
पूरी कहानी
जून 2025 की तिमाही में, Jayshree Chemicals ने ₹4.23 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹0.17 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया था। इस तिमाही के नतीजे इस ट्रेंड को उलटते हुए दिख रहे हैं। कंपनी 2015-2016 के फाइनेंशियल ईयर से Grasim Industries Ltd. को कास्टिक सोडा प्लांट की बिक्री से जुड़े खर्चों को भी मैनेज कर रही है।
अब क्या बदल रहा है?
बोर्ड में कुछ बदलाव हुए हैं। श्री सतीश कपूर को एडिशनल इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर नियुक्त किया गया है, जबकि श्री ऋषि बाजोरिया ने इस्तीफा दे दिया है। इसके चलते कंपनी की ऑडिट कमेटी और नॉमिनेशन एंड रेमुनरेशन कमेटी का पुनर्गठन किया गया है। कंपनी की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 1 सितंबर, 2026 को निर्धारित है।
जोखिम जिन पर नज़र रखें
एक इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के इस्तीफे से कॉर्पोरेट गवर्नेंस और बोर्ड की स्थिरता पर सवाल उठ सकते हैं, जिन पर निवेशकों को बारीकी से नजर रखनी चाहिए। साथ ही, पिछली तिमाही के मुकाबले मुनाफे में आई गिरावट पर भी ध्यान देना ज़रूरी है।
आगे क्या ट्रैक करें?
निवेशकों को कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी की स्थिरता, भविष्य में रेवेन्यू ग्रोथ के रुझान और बोर्ड में हुए बदलावों का कंपनी की स्ट्रेटेजिक दिशा और गवर्नेंस पर पड़ने वाले असर को ट्रैक करना चाहिए। 1 सितंबर, 2026 को होने वाली AGM भी एक महत्वपूर्ण इवेंट होगी।
