J.G. Chemicals ने Q2 FY27 के शानदार नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का मुनाफा **86%** बढ़कर **₹27.95 करोड़** पर पहुंच गया है, जबकि रेवेन्यू में **64%** का उछाल दर्ज किया गया है। टायर और नॉन-रबर सेगमेंट की मजबूत डिमांड ने इस ग्रोथ को गति दी है।
शानदार नतीजे और ग्रोथ का गणित
J.G. Chemicals ने चालू फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही में रिकॉर्ड तोड़ आंकड़े पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू 64% बढ़कर ₹361.01 करोड़ रहा, जबकि EBITDA में 77% की बड़ी बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹38.65 करोड़ पर आ गया है। इस ग्रोथ के पीछे मुख्य वजह टायर इंडस्ट्री के साथ-साथ फार्मा और सिरेमिक जैसे नॉन-रबर सेगमेंट में बढ़ती मांग है।
मार्जिन बढ़ाने की रणनीति
कंपनी अपने पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई करने पर जोर दे रही है। नॉन-रबर प्रोडक्ट्स का हिस्सा अब कुल रेवेन्यू का 18% हो गया है। मैनेजमेंट का लक्ष्य है कि अगले तीन सालों में EBITDA मार्जिन को 14% से 15% के स्तर तक ले जाया जाए। इसके अलावा, दुबई में नई सब्सिडियरी खोलने से कच्चे माल की सोर्सिंग आसान होगी और ग्लोबल मार्केट में पकड़ मजबूत होगी।
कैपेसिटी एक्सपेंशन और चुनौतियां
फिलहाल कंपनी 80% से ज्यादा क्षमता के साथ काम कर रही है। गुजरात के दहेज में ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट दिसंबर 2026 तक शुरू होने की उम्मीद है, वहीं नैडुपेटा का ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट जनवरी 2027 तक टल गया है। इन दोनों के चालू होने के बाद कंपनी की कुल कैपेसिटी 115,000 MTPA को पार कर जाएगी।
हालांकि, निवेशकों को कुछ बातों पर नजर रखनी चाहिए। वर्किंग कैपिटल की जरूरत 90-100 दिनों तक बनी हुई है, जिससे ऑपरेशंस से कैश फ्लो पर असर पड़ा है। प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करना कंपनी के लिए आने वाले समय में एक बड़ी चुनौती हो सकती है।
