Ishan Dyes and Chemicals: शानदार प्रॉफिट के बीच बही-खातों में झोल, ऑडिटर्स ने खड़े किए सवाल

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AuthorNeha Patil|Published at:
Ishan Dyes and Chemicals: शानदार प्रॉफिट के बीच बही-खातों में झोल, ऑडिटर्स ने खड़े किए सवाल

Ishan Dyes and Chemicals ने Q2 FY27 में **₹6.22 करोड़** का मुनाफा कमाकर घाटे से शानदार वापसी की है, लेकिन कंपनी के इन्वेंट्री वैल्युएशन पर ऑडिटर्स ने **₹8.99 करोड़** की गड़बड़ी का गंभीर सवाल उठाया है।

मुनाफे की हकीकत और ऑडिटर्स की चेतावनी

Ishan Dyes and Chemicals ने सितंबर 2026 को खत्म हुई तिमाही में शानदार प्रदर्शन दिखाया है। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के ₹6.74 करोड़ से बढ़कर ₹20.37 करोड़ पर पहुंच गया है, जबकि कंपनी ने पिछले साल के ₹3.62 करोड़ के घाटे के मुकाबले ₹6.22 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है।

क्यों है चिंता की बात?

नंबर्स जितने अच्छे दिख रहे हैं, ऑडिटर्स की रिपोर्ट उतनी ही चिंताजनक है। स्टेट्युटरी ऑडिटर्स M/s A R Sulakhe & Co ने कंपनी की बैलेंस शीट पर 'क्वालिफाइड ओपिनियन' दिया है। ऑडिट में पाया गया है कि कंपनी ने इन्वेंट्री की वैल्यू को लागत से ज्यादा दिखाया है, जो Ind AS 2 अकाउंटिंग नियमों का उल्लंघन है।\n\nइस ओवरस्टेटमेंट की वजह से कंपनी की इक्विटी ₹8.99 करोड़ से ज्यादा दिख रही है। अगर इन आंकड़ों को सही किया जाए, तो कंपनी का टैक्स से पहले का मुनाफा ₹6.15 करोड़ कम हो सकता है।

बार-बार क्यों आ रहा है ये मुद्दा?

यह कोई पहली बार नहीं है जब कंपनी के बही-खातों पर सवाल उठे हैं। इससे पहले 31 मार्च 2026 की एनुअल रिपोर्ट और जून तिमाही के नतीजों में भी ऑडिटर्स ने इसी इन्वेंट्री वैल्युएशन को लेकर आपत्ति जताई थी। मैनेजमेंट द्वारा अब तक कोई सुधारात्मक कदम न उठाना निवेशकों के लिए एक बड़ा 'रेड फ्लैग' है।

निवेशकों के लिए राय

लगातार ऑडिट क्वालिफिकेशन पारदर्शिता (Transparency) को लेकर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। निवेशकों को मैनेजमेंट की भविष्य की फाइलिंग्स पर बारीक नजर रखनी चाहिए, ताकि यह पता चल सके कि वे कब इन आंकड़ों को अकाउंटिंग मानकों के अनुरूप सही करेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.