Ishan Dyes and Chemicals के लिए फाइनेंशियल ईयर 2026 बेहद खराब रहा है। पिछले साल **₹1.09 करोड़** का मुनाफा कमाने वाली यह कंपनी अब **₹7.11 करोड़** के नेट लॉस (Net Loss) में आ गई है।
बिगड़ते फाइनेंशियल हालात
कंपनी के नतीजों से साफ है कि प्रदर्शन में बड़ी गिरावट आई है। जहां पिछले साल रेवेन्यू ₹104.47 करोड़ था, वहीं इस साल यह गिरकर ₹73.47 करोड़ पर आ गया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट जो पहले ₹1.09 करोड़ था, वह अब ₹7.11 करोड़ के भारी नुकसान में बदल चुका है।
ऑडिटर्स की 'चेतावनी'
कंपनी के ऑडिटर्स ने रिपोर्ट में 'Qualified Opinion' जारी किया है, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय है। ऑडिटर्स ने दो मुख्य बातों पर सवाल उठाए हैं:
- लोन डिफॉल्ट: कंपनी ने HDFC Bank, The Kalupur Commercial Co-op. Bank और Bajaj Finance को समय पर पैसा नहीं चुकाया है, जिसमें 75 दिन तक की देरी हुई है।
- लोन रिकवरी: कंपनी ने Cluster Enviro Private Limited को ₹14.60 करोड़ का लोन दिया हुआ है, जबकि उस कंपनी की नेट वर्थ खुद नेगेटिव है। ऑडिटर्स का मानना है कि इसे राइट-ऑफ करना जरूरी हो सकता है, जिससे घाटा और बढ़ सकता है।
निवेशकों के लिए जोखिम
कंपनी की गिरती कमाई और कर्ज न चुका पाने की स्थिति ने भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या कंपनी कोई फंड जुटा पाती है या कर्ज का रिस्ट्रक्चरिंग प्लान लाती है, जो इसके अस्तित्व के लिए बेहद जरूरी है।
