Indogulf Cropsciences ने अपने IPO से जुटाए गए फंड का इस्तेमाल बदलने का फैसला किया है। कंपनी ने **₹8.34 करोड़** की राशि को 'ड्राई फ्लोएबल' (DF) प्लांट से हटाकर अब क्लाइमेट स्ट्रेस मैनेजमेंट PGR प्लांट के लिए आवंटित कर दिया है। इस बदलाव को शेयरधारकों की मंजूरी मिल गई है और यह कदम कंपनी की ग्रोथ रणनीति का हिस्सा है।
स्ट्रैटेजिक शिफ्ट: PGR प्लांट पर कंपनी का फोकस
Indogulf Cropsciences ने एक बड़ा रणनीतिक फैसला लेते हुए अपने IPO फंड के इस्तेमाल में फेरबदल किया है। कंपनी अब 'ड्राई फ्लोएबल' (DF) प्लांट के बजाय सोनीपत, हरियाणा में एक अत्याधुनिक क्लाइमेट स्ट्रेस मैनेजमेंट प्लांट ग्रोथ रेगुलेटर (PGR) फैसिलिटी तैयार करेगी।
क्यों लिया गया यह फैसला?
कंपनी का मानना है कि पुराने प्लान की तुलना में PGR सेगमेंट में बेहतर मांग और ग्रोथ की संभावनाएं हैं। मैनेजमेंट का लक्ष्य अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को मार्केट की बदलती जरूरतों के साथ संरेखित करना है ताकि बेहतर कैपिटल एफिशिएंसी हासिल की जा सके।
गवर्नेंस और रेगुलेटरी मंजूरी
यह निर्णय पूरी तरह से कॉरपोरेट गवर्नेंस के नियमों के दायरे में लिया गया है। 24 सितंबर, 2026 को आयोजित AGM में शेयरधारकों ने स्पेशल रिजॉल्यूशन के जरिए इसे मंजूरी दी। स्वतंत्र मॉनिटरिंग एजेंसी, Brickwork Ratings India Private Limited ने भी इस बदलाव को रेगुलेटरी मानकों के अनुरूप बताया है।
फंड का स्टेटस (30 सितंबर, 2026 तक):
- वर्किंग कैपिटल: ₹68.91 करोड़ (बजट: ₹65.00 करोड़)
- कर्ज भुगतान: ₹33.85 करोड़ (बजट: ₹34.12 करोड़)
- PGR फैसिलिटी: ₹8.34 करोड़ (नया आवंटन)
- जनरल कॉरपोरेट पर्पज: ₹27.25 करोड़ (बजट: ₹27.85 करोड़)
अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी इस नई फैसिलिटी को कितनी जल्दी और प्रभावी ढंग से ऑपरेशनल बनाती है, जिससे मार्जिन और मुनाफे पर सीधा असर दिखेगा।
