Indo Euro Indchem ने सितंबर 2026 के लिए अपनी 36वीं AGM का नोटिस जारी किया है, जिसमें कंपनी के भीतर गंभीर गैर-अनुपालन (non-compliance) के मामले सामने आए हैं। ऑडिट रिपोर्ट में लोन और डायरेक्टर की सैलरी से जुड़े नियमों के उल्लंघन के साथ ही प्रॉफिट घटने की जानकारी दी गई है।
मुनाफे में सुस्ती और गवर्नेंस पर सवाल
कंपनी ने ₹13.73 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है, जबकि नेट प्रॉफिट घटकर ₹0.32 करोड़ पर आ गया है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर में ₹0.36 करोड़ था।
गवर्नेंस की गंभीर चुनौतियां
कंपनी की 36वीं AGM का नोटिस रेगुलेटरी बॉडी के लिए चिंता का विषय बन गया है। सेक्रेटेरियल ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने Companies Act की धारा 185(1) का उल्लंघन किया है। मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- अनधिकृत लोन: कंपनी ने डायरेक्टर्स से जुड़ी इकाइयों को ₹10 करोड़ से अधिक का लोन दिया है।
- सैलरी का मुद्दा: मैनेजमेंट पर आरोप है कि उन्होंने शेयरहोल्डर्स की मंजूरी से अधिक सैलरी अधिकारियों को दी है।
- नियामक चूक: कंपनी ने अनिवार्य ई-फॉर्म (MGT-14) फाइल करने और जरूरी डिस्क्लोजर देने में भी कोताही बरती है।
आगे क्या होगा?
बोर्ड ने इन अनियमितताओं को स्वीकार किया है और सुधारात्मक उपाय करने का भरोसा दिया है। हालांकि, निवेशकों की नजरें अब 29 सितंबर 2026 को होने वाली AGM पर टिकी हैं। यह देखना अहम होगा कि मैनेजमेंट इन गवर्नेंस गैप्स को भरने के लिए क्या ठोस रोडमैप पेश करता है, क्योंकि ये उल्लंघन कंपनी पर भारी कानूनी और वित्तीय जुर्माना डाल सकते हैं।
