Indo Amines के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। कंपनी ने Q1 FY27 में शानदार नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंसोलिडेटेड रेवेन्यू **16%** बढ़कर **₹376.08 करोड़** हो गया है। वहीं, नेट प्रॉफिट में **50%** की जबरदस्त तेजी आई और यह **₹30.76 करोड़** पर पहुंच गया। इसके अलावा, वडोदरा प्लांट पर GPCB का क्लोजर ऑर्डर भी वापस ले लिया गया है।
Indo Amines के नतीजे -
Indo Amines Limited ने 30 जून 2026 को समाप्त हुई तिमाही (Q1 FY27) के लिए अपने अन-ऑडिटेड फाइनेंशियल नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड टोटल रेवेन्यू ₹376.08 करोड़ रहा, जो पिछली तिमाही (Q4 FY26) के ₹323.50 करोड़ से अधिक है। तिमाही के लिए कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹30.76 करोड़ दर्ज किया गया, जो Q4 FY26 के ₹20.51 करोड़ की तुलना में एक बड़ी बढ़ोतरी है। बेसिक अर्निंग्स पर शेयर (EPS) भी ₹2.73 से सुधरकर ₹4.19 हो गया।
स्टैंडअलोन बेसिस पर, रेवेन्यू पिछले तिमाही के ₹316.90 करोड़ से बढ़कर ₹368.75 करोड़ हो गया। स्टैंडअलोन PAT ₹20.79 करोड़ से बढ़कर ₹30.63 करोड़ पर पहुंच गया।
GPCB का बड़ा फैसला -
कंपनी ने यह भी बताया कि गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (GPCB) ने उसके वडोदरा प्लांट के लिए जारी क्लोजर डायरेक्शन को रद्द कर दिया है। यह राहत 11 अगस्त 2026 को मिली, जिससे प्लांट में संचालन जारी रह सकेगा।
इसके अलावा, कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹0.50 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड (dividend) की सिफारिश की है।
नतीजों का महत्व -
रेवेन्यू और प्रॉफिट में लगातार हुई ग्रोथ इस वित्तीय वर्ष की सकारात्मक शुरुआत का संकेत देती है। वडोदरा प्लांट के क्लोजर डायरेक्शन का हटना एक बेहद महत्वपूर्ण सकारात्मक कदम है, जिसने एक बड़े ऑपरेशनल रिस्क को खत्म कर दिया है और उस प्लांट में बिजनेस की निरंतरता सुनिश्चित की है।
पिछली कहानी -
इससे पहले, 21 जुलाई 2026 के एक रेगुलेटरी अपडेट में, Indo Amines को GPCB से वडोदरा प्लांट के लिए क्लोजर डायरेक्शन मिला था। कंपनी ने GPCB की चिंताओं को दूर करने के लिए सक्रिय रूप से बातचीत की, जिसके कारण यह ऑर्डर रद्द हो गया।
अलग से, कंपनी 12 जून 2024 को डोम्बिवली प्लांट में आग लगने की घटना के फाइनेंशियल प्रभाव का भी प्रबंधन कर रही है। इन्वेंट्री और एसेट्स को हुए ₹2.60 करोड़ के अनुमानित नुकसान के लिए बीमा क्लेम किया जा रहा है।
आगे क्या -
वडोदरा प्लांट के संचालन की मंजूरी मिलने के बाद, Indo Amines अब इस प्रमुख सुविधा में ऑपरेशनल रुकावट के तत्काल खतरे के बिना अपनी ग्रोथ पर ध्यान केंद्रित कर सकती है। कंपनी डोम्बिवली प्लांट की आग के लिए बीमा क्लेम की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी।
जोखिम -
हालांकि GPCB का मुद्दा सुलझ गया है, कंपनी को डोम्बिवली की आग के लिए बीमा क्लेम के प्रबंधन का सामना करना पड़ रहा है। तिमाही के दौरान दिए गए ESOP (employee stock options) ग्रांट्स के कारण ESOP खर्चों की पहचान को भी प्रॉफिटेबिलिटी पर इसके प्रभाव के लिए मॉनिटर करने की आवश्यकता है।
