India Glycols शेयर में बंपर तेजी! पहली तिमाही में कमाई बढ़ी, कंपनी तीन हिस्सों में बंटेगी

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AuthorNeha Patil|Published at:
India Glycols शेयर में बंपर तेजी! पहली तिमाही में कमाई बढ़ी, कंपनी तीन हिस्सों में बंटेगी

India Glycols ने पहली तिमाही (Q1 FY27) में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **9%** बढ़कर **₹1,130 करोड़** रहा, जबकि EBITDA में **13%** की ग्रोथ दर्ज की गई। इसी के साथ, नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने कंपनी के डी-मर्जर (Demerger) यानी तीन अलग-अलग कंपनियों में बंटने की योजना को भी मंजूरी दे दी है।

India Glycols के नतीजे और डी-मर्जर की बड़ी खबर

India Glycols ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के लिए अपने कंसोलिडेटेड नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का नेट रेवेन्यू 9% बढ़कर ₹1,130 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, कंपनी के EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और एमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई) में 13% की जोरदार बढ़ोतरी हुई और यह ₹170 करोड़ रहा।

लोन चुकाने के प्रयासों के चलते, फाइनेंस कॉस्ट में भारी कमी आई है और यह पिछले साल के ₹45 करोड़ से घटकर इस तिमाही में सिर्फ ₹25 करोड़ रह गया है।

NCLT की मंजूरी से खुले नए रास्ते

17 जुलाई 2026 को, नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने India Glycols के स्कीम ऑफ अरेंजमेंट को मंजूरी दे दी है। इसका मतलब है कि अब कंपनी तीन अलग-अलग लिस्टेड कंपनियों में बंट जाएगी।

**क्यों है यह खबर अहम?

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शानदार रेवेन्यू और EBITDA ग्रोथ कंपनी की मजबूत परफॉर्मेंस और बाजार में उसके प्रोडक्ट्स की डिमांड को दिखाती है। उम्मीद है कि डी-मर्जर के बाद, हर कंपनी अपने सेक्टर पर फोकस कर सकेगी और इससे शेयरधारकों के लिए वैल्यू अनलॉक होगी। कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2028 से पूरी तरह कर्ज-मुक्त (Debt-free) होना है, जो निवेशकों के लिए एक बड़ा पॉजिटिव संकेत है।

**आगे क्या होगा?

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डी-मर्जर के बाद कंपनी तीन हिस्सों में बंट जाएगी:

  • IGL Spirits Limited: यह कंपनी पोर्टेबल स्पिरिट्स और बायो-फ्यूल का कारोबार संभालेगी।
  • Ennature Bio Pharma: यह न्यूट्रास्यूटिकल्स, एपीआई (APIs) और बायो-पॉलिमर्स पर फोकस करेगी।
  • India Glycols Limited: यह बायो-बेस्ड केमिकल्स, ग्लाइकल्स, परफॉरमेंस केमिकल्स और गैसें बनाएगी।

निवेशकों को किन बातों पर ध्यान देना चाहिए?

कच्चे माल, खासकर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और माल ढुलाई (freight costs) के बढ़ते खर्चों ने केमिकल बिजनेस के मार्जिन पर असर डाला है। इसके अलावा, मध्य पूर्व और अमेरिका को शिपमेंट में आई रुकावटों ने परफॉरमेंस केमिकल्स सेगमेंट के लिए मुश्किलें खड़ी की हैं। कंपनी भविष्य में इन चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार है।

**आगे क्या उम्मीद करें?

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निवेशक अब डी-मर्जर की प्रभावी तारीख का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। साथ ही, इन तीनों नई कंपनियों के प्रदर्शन पर भी पैनी नजर रखी जाएगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.