India Glycols ने अपने Ennature Biopharma प्लेटफॉर्म के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में **₹246 करोड़** का रेवेन्यू और **₹29 करोड़** का EBITDA हासिल किया है, जो कंपनी के नेचुरल इंग्रीडिएंट्स बिजनेस की मजबूती को दर्शाता है।
बिजनेस का गणित
India Glycols के Ennature Biopharma डिवीजन ने 11.9% का EBITDA मार्जिन बनाए रखा है, जबकि ग्रॉस मार्जिन 40.1% के स्तर पर है। यह परफॉर्मेंस नेचुरल हेल्थ और वेलनेस सेक्टर में कंपनी की मजबूत पकड़ को बयां करती है।
कारोबार के तीन मुख्य पिलर्स
कंपनी का बिजनेस मुख्य रूप से तीन सेगमेंट में बंटा है:
- Plant-based APIs: यह कंपनी का सबसे बड़ा कैश काउ है, जो कुल सेल्स में 67% का योगदान देता है। इसमें मुख्य रूप से निकोटीन (Nicotine) और थियोकोलचिकोसाइड (Thiocolchicoside) जैसे प्रोडक्ट्स शामिल हैं।
- Biopolymers: कुल सेल्स का 16% हिस्सा यहां से आता है, जिसमें ग्वार गम (Guar Gum) और अन्य स्पेशलिटी डेरिवेटिव्स शामिल हैं।
- Nutraceuticals: यह कंपनी का फ्यूचर ग्रोथ इंजन है, जो सेल्स में 17% की हिस्सेदारी रखता है। कंपनी अब ब्रांडेड इंग्रीडिएंट्स और CDMO सर्विसेज पर दांव लगा रही है।
फ्यूचर स्ट्रैटेजी और इंफ्रास्ट्रक्चर
कंपनी की योजना API सेगमेंट में हर साल एक नया प्रोडक्ट लॉन्च करने और निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी में मार्केट शेयर बढ़ाने की है। मैन्युफैक्चरिंग के लिए देहरादून और काशीपुर में यूनिट्स मौजूद हैं, जिनकी क्षमता क्रमशः 1,600 MT और 24,000 MT है। ये प्लांट्स US-FDA, EU-GMP और NSF-GMP जैसे ग्लोबल सर्टिफिकेशन्स के साथ ऑपरेट कर रहे हैं, जिससे अमेरिका, यूरोप और एशिया जैसे रेगुलेटेड मार्केट्स में एक्सपोर्ट आसान हो जाता है।
