Hindustan Organic Chemicals (HOCL) के लिए फाइनेंशियल ईयर 2025-26 चुनौतीपूर्ण रहा है। कंपनी ने **₹12.89 करोड़** का नेट लॉस रिपोर्ट किया है, जबकि पिछले साल कंपनी **₹391.54 करोड़** के मुनाफे में थी।
फाइनेंशियल नतीजों का लेखा-जोखा
कंपनी का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस 7.07% बढ़कर ₹573.76 करोड़ रहा, लेकिन नेट प्रॉफिट के मोर्चे पर कंपनी को ₹12.89 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा। गौर करने वाली बात यह है कि पिछले साल का शानदार मुनाफा एक बार मिलने वाले सरकारी लोन वेवर (loan waiver) जैसे एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी आइटम्स की बदौलत था।
कोच्चि यूनिट बनी सहारा
वित्तीय दिक्कतों के बावजूद, कंपनी की कोच्चि यूनिट का परफॉर्मेंस दमदार रहा है। यहाँ फिनोल (Phenol) प्लांट 99% और हाइड्रोजन पेरोक्साइड (Hydrogen Peroxide) यूनिट 98% क्षमता पर काम कर रहे हैं। इसके अलावा, सहायक कंपनी Hindustan Fluorocarbons Limited को बंद करना कंपनी की रणनीतिक छंटनी का हिस्सा है।
गवर्नेंस और रेगुलेटरी रिस्क
कंपनी फिलहाल SEBI (LODR) नियमों के पालन को लेकर मुश्किलों में है। बोर्ड में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की कमी और कमेटियों के गठन को लेकर सवाल उठे हैं। साथ ही, BSE द्वारा लगाए गए पेनल्टी प्रोविजन्स और रसायनी यूनिट में जमीन से जुड़े कानूनी विवाद कंपनी के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं।
भविष्य की राह
मैनेजमेंट अब क्युमीन (Cumene) प्लांट के आधुनिकीकरण और फिनोल प्लांट की एफिशिएंसी बढ़ाने पर जोर दे रहा है। बोर्ड कंपनी को पटरी पर लाने के लिए रिस्ट्रक्चरिंग विकल्पों पर विचार कर रहा है।
