Hindprakash Industries ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर **₹37.48 करोड़** पर पहुंच गया है और नेट प्रॉफिट **₹0.34 करोड़** दर्ज किया गया है।
मुनाफे में इजाफा, लेकिन खर्चों पर नजर
कंपनी ने सितंबर तिमाही में शानदार प्रदर्शन करते हुए पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले रेवेन्यू में करीब 20% की बढ़ोतरी दर्ज की है। पिछले साल इसी अवधि में रेवेन्यू ₹31.33 करोड़ था, जो अब बढ़कर ₹37.48 करोड़ हो गया है। इसी तरह कंपनी का नेट प्रॉफिट भी पिछले साल के ₹0.14 करोड़ से बढ़कर ₹0.34 करोड़ पर आ गया है।
बढ़ते खर्चों और कर्ज की चुनौती
ऑपरेशनल विस्तार के साथ कंपनी के खर्चों में भी बड़ा उछाल देखने को मिला है। कंपनी का कुल खर्च बढ़कर ₹38.61 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल ₹31.79 करोड़ था। निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण चिंता का विषय शॉर्ट-टर्म कर्ज में आई तेजी है। कंपनी का शॉर्ट-टर्म कर्ज मार्च 2026 के ₹20.01 करोड़ से बढ़कर सितंबर 2026 तक ₹32.07 करोड़ पहुंच गया है।
एसेट बेस में मजबूती
कंपनी का एसेट बेस मजबूत हुआ है, जो अब ₹115.22 करोड़ हो गया है, जबकि पिछले फाइनेंशियल ईयर के अंत में यह ₹91.36 करोड़ था। हालांकि, हाफ-ईयरली आधार पर ₹20.84 करोड़ का कैपिटल इन्वेस्टमेंट कंपनी की कैश पोजीशन पर दबाव डाल रहा है। आगे चलकर मैनेजमेंट की कर्ज कम करने की रणनीति और इन निवेशों से मिलने वाले रिटर्न पर निवेशकों की नजर रहेगी।
