गुजरात फ्लोरोकेमिकल्स का बड़ा ऐलान
गुजरात फ्लोरोकेमिकल्स लिमिटेड (GFL) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹3,150 करोड़ के भारी-भरकम कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) की योजना बनाई है। इस निवेश का बड़ा हिस्सा इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) बैटरी मटेरियल के बढ़ते कारोबार और कंपनी के स्थापित केमिकल सेगमेंट को मजबूत करने में लगाया जाएगा।
क्या है पूरा प्लान?
कंपनी ने हाल ही में अपने Q4 FY26 के नतीजे पेश किए हैं। इसके अनुसार, केमिकल बिजनेस से ₹1,358 करोड़ का रेवेन्यू और ₹353 करोड़ का EBITDA दर्ज किया गया। कंपनी ने FY27 के लिए ₹3,150 करोड़ के Capex की घोषणा की है, जिसमें से ₹2,300 करोड़ EV बिजनेस (जिसमें एनोड प्रोजेक्ट्स भी शामिल हैं) के लिए और ₹850 करोड़ GFL डिवीजन के लिए रखे गए हैं।
क्यों है यह अहम?
यह बड़ा निवेश गुजरात फ्लोरोकेमिकल्स के EV बैटरी मटेरियल मार्केट में आक्रामक विस्तार की रणनीति को दर्शाता है। कंपनी का लक्ष्य एक इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म तैयार करना है। वहीं, कोर केमिकल बिजनेस में निवेश से कंपनी की स्थिरता और ग्रोथ बनी रहेगी, जो विस्तार के प्रति एक संतुलित दृष्टिकोण दिखाता है।
अब तक क्या हुआ?
गुजरात फ्लोरोकेमिकल्स रणनीतिक रूप से बैटरी मटेरियल में विविधता ला रही है। कंपनी का LiPF6 प्लांट जनवरी 2026 में चालू हो गया था। EV वर्टिकल में कंपनी पहले ही लगभग ₹1,900 करोड़ से ₹2,000 करोड़ का निवेश कर चुकी है। कंपनी का लक्ष्य FY28 तक EV वर्टिकल के लिए कुल ₹6,000 करोड़ का Capex करना है।
आगे क्या बदलेगा?
FY27 के Capex प्लान से GFL के इंटीग्रेटेड बैटरी मटेरियल प्लेटफॉर्म के विकास में तेजी आएगी, जिसमें कैथोड, इलेक्ट्रोलाइट/सॉल्ट और एनोड जैसे कंपोनेंट्स शामिल होंगे। कंपनी का लक्ष्य Q4 FY27 तक बैटरी केमिकल सेगमेंट से हाई 3-डिजिट करोड़ रेवेन्यू हासिल करना है। मुख्य केमिकल बिजनेस की बात करें तो Capex का फोकस रेफ्रिजरेंट गैस इंफ्रास्ट्रक्चर, इलेक्ट्रॉनिक स्पेशियलिटी केमिकल्स, फ्लोरोपॉलीमर्स और बैकवर्ड इंटीग्रेशन पर रहेगा।
जोखिमों पर नज़र
निवेशकों को वर्किंग कैपिटल की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए, जो इन्वेंट्री बिल्ड-अप और जियोपॉलिटिकल कारणों से बढ़े हुए ट्रांजिट समय के कारण ऊंची बनी हुई है। EV सेगमेंट की प्रॉफिटेबिलिटी भी एक महत्वपूर्ण बात है, क्योंकि कैपिटलाइजेशन के बाद शुरुआती ऑपरेशनल खर्चे अब प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में दिख रहे हैं।
आगे क्या ट्रैक करें?
निवेशक बैटरी मटेरियल सेगमेंट के रेवेन्यू में वृद्धि, वर्किंग कैपिटल का प्रबंधन और EV बिजनेस की समग्र प्रॉफिटेबिलिटी पर बारीकी से नजर रखेंगे, क्योंकि यह कैपिटलाइजेशन फेज से कमर्शियल ऑपरेशंस की ओर बढ़ रहा है।
