Gujarat Fluorochemicals (GFL) ने Q1 FY27 के नतीजे पेश कर दिए हैं। कंपनी की कंसोलिडेटेड आय **24%** बढ़कर **₹1,588 करोड़** हो गई, जिसका मुख्य कारण केमिकल सेगमेंट का शानदार प्रदर्शन रहा। साथ ही, कंसोलिडेटेड EBITDA में भी **24%** की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
गुजरात फ्लोरोकेमिकल्स (GFL) के शानदार नतीजे
कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में दमदार प्रदर्शन करते हुए अपनी कंसोलिडेटेड आय में 24% की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है। यह आय बढ़कर ₹1,588 करोड़ पर पहुंच गई है। वहीं, कंसोलिडेटेड EBITDA भी 24% की उछाल के साथ ₹428 करोड़ रहा।
केमिकल सेगमेंट की धाक
इस शानदार ग्रोथ के पीछे कंपनी का केमिकल सेगमेंट सबसे बड़ा वजह साबित हुआ है। इस सेगमेंट से कंपनी की आय 23% बढ़कर ₹1,574 करोड़ हो गई, जबकि EBITDA में 29% का इजाफा देखने को मिला और यह ₹458 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी का कहना है कि सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर जैसे हाई-वैल्यू सेक्टर्स से फ्लोरोपॉलिमर्स की बढ़ती मांग इसके लिए फायदेमंद साबित हो रही है।
बैटरी प्रोजेक्ट का रिलोकेशन और फंडिंग
बाजार की नजरें कंपनी के बैटरी मटेरियल्स प्रोजेक्ट पर भी टिकी हैं। पहले ओमान में लगने वाला यह प्रोजेक्ट अब जिओ-पॉलिटिकल कारणों से भारत के दहेज में रिलोकेट किया जा रहा है। हालांकि, ओमान के लिए स्वीकृत फंडिंग अब भारत वाले प्रोजेक्ट के लिए उपलब्ध नहीं होगी, जिससे कंपनी को इसके लिए अलग से फाइनेंसिंग का इंतजाम करना होगा।
कैपेक्स और नई क्षमताएं
GFL अगले दो सालों में लगभग ₹6,000 करोड़ के कैपेक्स की योजना बना रही है। इसमें FY27 के लिए ₹2,300 करोड़ EV-संबंधित कैपेक्स के लिए और ₹800 करोड़ केमिकल बिजनेस के लिए आवंटित किए गए हैं। कंपनी को उम्मीद है कि Q2 FY27 तक R32 रेफ्रिजरेंट की नई क्षमता और FY27 के अंत तक R134A प्लांट तैयार हो जाएगा।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों को बैटरी मटेरियल्स बिजनेस के क्वालिफिकेशन और कमर्शियलाइजेशन की प्रगति पर कड़ी नजर रखनी होगी। साथ ही, नई R32 और R134A क्षमताओं के चालू होने की भी निगरानी करनी होगी। भारत-आधारित बैटरी मटेरियल्स प्रोजेक्ट के लिए फंडिंग जुटाना एक महत्वपूर्ण डेवलपमेंट होगा।
