Grasim Industries का बड़ा ऐलान: Lyocell प्लांट का होगा विस्तार
Grasim Industries के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने कर्नाटक के हरिहर में स्थित अपने Lyocell प्लांट के फेज II विस्तार के लिए ₹3,094 करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) को मंजूरी दे दी है। इस प्रोजेक्ट से 110,000 टन प्रति वर्ष (TPA) की Lyocell क्षमता और जुड़ जाएगी। दोनों फेज पूरे होने के बाद कुल क्षमता लगभग 210,000 TPA तक पहुंच जाएगी।
क्यों यह विस्तार महत्वपूर्ण है?
यह विस्तार Grasim की सस्टेनेबल टेक्सटाइल मटेरियल की बढ़ती मांग को भुनाने की रणनीति के अनुरूप है। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक अपने स्पेशियलिटी पोर्टफोलियो, जिसमें Lyocell, Modal और रीसाइकल्ड फाइबर शामिल हैं, का हिस्सा 35% तक बढ़ाना है। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक कुल सेल्युलोजिक स्टेपल फाइबर (CSF) क्षमता को 10 लाख टन प्रति वर्ष से अधिक करना है।
विस्तार की पृष्ठभूमि
यह विस्तार फेज I ( 55,000 TPA ) के बाद हो रहा है, जो पहले से ही निर्माणधीन है। यह रणनीतिक कदम हाई-वैल्यू, भविष्य के लिए तैयार फाइबर के उत्पादन को बढ़ाने पर केंद्रित है।
अब क्या बदलेगा?
फेज II को दो चरणों में पूरा किया जाएगा: पहला 55,000 TPA लाइन 2028 के मध्य तक और दूसरी 55,000 TPA लाइन 2030 के मध्य तक चालू हो जाएगी। फेज I के 2027 के मध्य तक चालू होने की उम्मीद है। यह चरणबद्ध दृष्टिकोण धीरे-धीरे क्षमता जोड़ने और बाजार के साथ तालमेल बिठाने की अनुमति देता है।
निवेशकों के लिए जोखिम
निवेशकों को एग्जीक्यूशन टाइमलाइन पर नज़र रखनी चाहिए, क्योंकि प्रोजेक्ट 2027 से 2030 तक चलेंगे। फाइनेंसिंग के लिए इंटरनल एक्रुअल्स और उधार लिए गए फंड के मिश्रण पर निर्भरता Grasim की डेट प्रोफाइल पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर भी ध्यान देने योग्य है।
साथियों से तुलना
हालांकि फाइलिंग में सहकर्मियों की विशिष्ट क्षमता के आंकड़े विस्तृत नहीं हैं, यह विस्तार Grasim को मैन-मेड सेल्युलोजिक फाइबर्स (MMCF) सेगमेंट में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी के रूप में स्थापित करता है, जो सस्टेनेबल और स्पेशियलिटी पेशकशों पर केंद्रित है।
समय-सीमा के अनुसार मुख्य आंकड़े
- फेज I का कमीशनिंग: 2027 के मध्य
- फेज II (पहली लाइन) का कमीशनिंग: 2028 के मध्य
- फेज II (दूसरी लाइन) का कमीशनिंग: 2030 के मध्य
- स्पेशियलिटी पोर्टफोलियो का लक्ष्य: 2030 तक 35%
- कुल CSF क्षमता का लक्ष्य: 2030 तक 10 लाख टन से अधिक
आगे क्या देखें
निवेशकों को फेज I और फेज II कमीशनिंग माइलस्टोन की प्रगति और कंपनी द्वारा निवेश को तैनात करते समय उसके डेट लेवल पर नज़र रखनी चाहिए।
