GSFC के शेयर में गिरावट का डर? रेवेन्यू 64% बढ़ा, लेकिन मार्जिन पर भारी दबाव

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
GSFC के शेयर में गिरावट का डर? रेवेन्यू 64% बढ़ा, लेकिन मार्जिन पर भारी दबाव

गुजरात स्टेट फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स (GSFC) ने Q1 FY27 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू 64% बढ़कर **₹3,583 करोड़** हो गया है। हालांकि, कच्चे माल की महंगाई के कारण फर्टिलाइजर EBIT मार्जिन घटकर **4.09%** रह गया, जो पिछले साल **8.49%** था।

GSFC का दमदार रेवेन्यू ग्रोथ, पर मार्जिन पर दबाव

गुजरात स्टेट फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स लिमिटेड (GSFC) ने Q1 FY27 के अपने वित्तीय नतीजों की घोषणा कर दी है। कंपनी के कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 64% की जोरदार बढ़ोतरी हुई है, जो ₹3,583 करोड़ तक पहुंच गया। वहीं, फर्टिलाइजर की बिक्री 65% बढ़कर ₹2,947 करोड़ रही। कंपनी की बिक्री की मात्रा 17% बढ़कर 5.26 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गई।

मुनाफे में दिखी मामूली बढ़ोतरी

कंसोलिडेटेड प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) में 11% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹205 करोड़ रहा। वहीं, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 14% बढ़कर ₹159 करोड़ दर्ज किया गया। इन शानदार टॉप-लाइन ग्रोथ के बावजूद, कंपनी के फर्टिलाइजर सेगमेंट में मार्जिन पर काफी दबाव देखा गया। EBIT मार्जिन घटकर 4.09% पर आ गया, जो पिछले साल 8.49% था।

क्या है मार्जिन गिरने की वजह?

कंपनी के फर्टिलाइजर EBIT मार्जिन में आई इस बड़ी गिरावट की मुख्य वजह कच्चे माल की बढ़ती कीमतें हैं। सल्फर में 231%, अमोनिया में 144% और नेचुरल गैस में 38% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। P2O5 की कीमतों में भी 30% का इजाफा हुआ है।

भविष्य की रणनीति और जोखिम

GSFC अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को बेहतर बनाने और ऑपरेशन्स को कुशल बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। कंपनी अपने सिक्का यूनिट में DAP ट्रेन कन्वर्जन और नए फॉस्फोरिक व सल्फ्यूरिक एसिड प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है। मैनेजमेंट का अनुमान है कि सरकार NPK फर्टिलाइजर्स के लिए सब्सिडी एडजस्टमेंट कर सकती है, जो 1 अक्टूबर से लागू हो सकता है, जिससे कच्चे माल की महंगाई का असर कम होगा।

कंपनी पर फिलहाल कोई कर्ज नहीं है, हालांकि वर्किंग कैपिटल की जरूरतों के चलते अस्थायी उधारी देखी गई है। भविष्य में कच्चे माल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी और सरकारी सब्सिडी नीतियों में कोई भी प्रतिकूल बदलाव कंपनी के लिए जोखिम पैदा कर सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.