Gujarat Narmada Valley Fertilizers & Chemicals (GNVFC) के केमिकल सेगमेंट में मार्जिन का दबाव बढ़ा है। हालांकि, कंपनी की लिक्विडिटी मजबूत बनी हुई है और कामकाज सुचारू रूप से चल रहा है।
केमिकल सेगमेंट पर दबाव
कंपनी के लिए Q2 का समय चुनौतीपूर्ण रहा है। केमिकल सेगमेंट के प्रॉफिट में तिमाही आधार पर लगभग ₹250 करोड़ की कमी आई है। इस गिरावट के पीछे मुख्य रूप से कम प्रोडक्ट रियलाइजेशन और बढ़ती एनर्जी कॉस्ट का हाथ है। साथ ही, वेज सेटलमेंट और फ्रेट क्लेम जैसे वन-ऑफ आइटम्स की वजह से कंपनी को ₹75 करोड़ का अतिरिक्त झटका लगा है।
कैश और ऑपरेशंस की स्थिति
बावजूद इसके, कंपनी ने अपना फाइनेंशियल बैलेंस बरकरार रखा है। सितंबर के अंत तक GNVFC के पास कुल कैश और इन्वेस्टमेंट के रूप में ₹3,900 करोड़ का फंड मौजूद है। जुलाई तिमाही में जो प्रोडक्शन हॉल्ट्स (production halts) देखे गए थे, वे अब पूरी तरह से खत्म हो चुके हैं और प्लांट्स सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। कंपनी ने अपना नया कैप्टिव कोल-बेस्ड प्लांट भी चालू कर दिया है, जिसके पूरे लाभ तीसरी तिमाही से मिलने की उम्मीद है।
भविष्य के रिस्क
मैनेजमेंट ने जियो-पॉलिटिकल तनाव और एनर्जी प्राइसेज में अस्थिरता को लेकर सावधानी बरती है। निवेशकों के लिए सबसे बड़ा रिस्क TDI प्रोडक्ट्स को लेकर है, जहां चीन की तरफ से बढ़ती कैपेसिटी और इम्पोर्ट-पैरिटी प्राइसिंग के कारण घरेलू मार्जिन पर दबाव बना रह सकता है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी इन ग्लोबल सप्लाई चेन की दिक्कतों और इनपुट कॉस्ट के बीच अपने मार्जिन को कैसे रिकवर करती है।
