Ester Industries ने FY26 के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी को **₹27.47 करोड़** का कंसोलिडेटेड घाटा हुआ है, जबकि रेवेन्यू **7.2%** बढ़कर **₹1,392.7 करोड़** रहा। बाजार की सुस्ती के बावजूद कंपनी ने **₹0.25** प्रति शेयर डिविडेंड की सिफारिश की है।
मुनाफे में क्यों आई गिरावट?
कंपनी के मुनाफे पर ग्लोबल BOPET मार्केट की सुस्ती और फॉरेन करेंसी से जुड़े MTM लॉसेज का बुरा असर पड़ा है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में कंपनी ने ₹13.70 करोड़ का मुनाफा कमाया था, जो इस बार घाटे में तब्दील हो गया है। हालांकि, अच्छी बात यह है कि कंपनी का टॉप-लाइन रेवेन्यू ₹1,392.7 करोड़ पर पहुंच गया है, जो कि 7.2% की सालाना बढ़ोतरी दिखाता है।
बिजनेस में बड़ा बदलाव (Strategic Pivot)
कंपनी अब कमोडिटी पॉलिस्टर फिल्मों पर निर्भरता कम कर रही है और अपना फोकस स्पेशलिटी पॉलिमर्स, वैल्यू-एडेड पैकेजिंग और एडवांस्ड रीसाइक्लिंग पर शिफ्ट कर रही है। स्पेशलिटी पॉलिमर्स सेगमेंट ने शानदार प्रदर्शन किया है, जिसकी EBIT मार्जिन 32.7% रही और रेवेन्यू में 16% का ग्रोथ देखा गया है।
बड़े निवेश और प्रोजेक्ट्स
कंपनी ने अपनी रीसाइक्लिंग क्षमता को बढ़ाकर 28,000 MT सालाना कर दिया है और हैदराबाद में नई यूनिट भी शुरू हो चुकी है। इसके अलावा, Loop Industries के साथ 'ELITe' जॉइंट वेंचर के तहत दहेज (Dahej) में ₹1,600 करोड़ के निवेश से एक बड़ा केमिकल रीसाइक्लिंग प्लांट लगाने की योजना है। इन बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए कंपनी ने शेयर वारंट्स के जरिए ₹165.25 करोड़ जुटाए हैं।
आगे की राह और रिस्क
हालांकि अमेरिकी टैरिफ से राहत मिली है, लेकिन BOPET सेक्टर अभी भी ग्लोबल सप्लाई और जियोपॉलिटिकल अस्थिरता के घेरे में है। निवेशकों के लिए कंपनी का अगला कदम हैदराबाद यूनिट का फुल प्रोडक्शन और दहेज प्रोजेक्ट की अपडेट पर नजर रखना जरूरी होगा।
