Deepak Fertilisers ने FY26 के लिए **12%** बढ़कर **₹11,506 करोड़** का रेवेन्यू दर्ज किया है। हालांकि, इनपुट कॉस्ट बढ़ने और प्लांट मेंटेनेंस के चलते नेट प्रॉफिट (PAT) में **21.8%** की गिरावट आई और यह **₹739 करोड़** रहा। कंपनी ने **₹10 प्रति शेयर** के डिविडेंड की सिफारिश की है।
दीपक फर्टिलाइजर्स के FY26 के नतीजे
- कंसोलिडेटेड रेवेन्यू: ₹11,506 करोड़
- कंसोलिडेटेड PAT: ₹739 करोड़
जानें निवेशकों के लिए क्या है खास: रेवेन्यू में मजबूत ग्रोथ के बावजूद लागत का दबाव; नए प्रोजेक्ट्स से भविष्य में विस्तार की उम्मीद।
क्या हुआ?
Deepak Fertilisers & Petrochemicals Corporation Ltd. ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने ₹11,506 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू हासिल किया, जो पिछले साल के मुकाबले 12% ज्यादा है। लेकिन, कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (PAT) में 21.8% की गिरावट दर्ज की गई, जो ₹739 करोड़ रहा। ऑपरेटिंग EBITDA भी 12.5% घटकर ₹1,684 करोड़ हो गया।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
इन नतीजों से कंपनी के मिले-जुले प्रदर्शन का पता चलता है। जहां एक तरफ रेवेन्यू ग्रोथ मजबूत डिमांड और मार्केट में अच्छी पकड़ को दर्शाती है, वहीं मुनाफे में गिरावट बढ़ती इनपुट कॉस्ट, एनर्जी की ऊंची कीमतों और अमोनिया प्लांट में नियोजित मेंटेनेंस के चलते आई है। ₹10 प्रति शेयर के डिविडेंड की सिफारिश इन चुनौतियों के बीच शेयरधारकों को रिटर्न देने की कंपनी की प्रतिबद्धता को दिखाती है।
पृष्ठभूमि
वित्तीय वर्ष 2025-26 को दीपक फर्टिलाइजर्स के लिए एक 'ट्रांजिशन ईयर' यानी बदलाव का साल बताया जा रहा है। कंपनी विस्तार (expansion) प्रोजेक्ट्स में बड़ा कैपिटल इन्वेस्टमेंट कर रही थी। अब मैनेजमेंट का फोकस इन निवेशों के एग्जीक्यूशन और उनसे वैल्यू हासिल करने पर है।
अब क्या बदलेगा?
डेहेज में नया ब्राउनफील्ड नाइट्रिक एसिड प्लांट और गोपालपुर में ग्रीनफील्ड TAN प्रोजेक्ट जैसे बड़े क्षमता विस्तार प्रोजेक्ट्स पूरे होने वाले हैं। उम्मीद है कि FY 2026-27 की दूसरी छमाही (H2) में चालू होने के बाद ये भविष्य में वॉल्यूम ग्रोथ को बढ़ाएंगे और ऑपरेटिंग लेवरेज में सुधार करेंगे। इसके अलावा, एक्सप्लोसिव्स (explosives) और माइनिंग सर्विसेज सेक्टर में रणनीतिक अधिग्रहण (acquisitions) ने कंपनी के पोर्टफोलियो को और मजबूत किया है।
जोखिम
कच्चे माल की कीमतों में अस्थिरता और इनपुट कॉस्ट के कारण मार्जिन पर दबाव बना रह सकता है। इसका असर EBITDA मार्जिन में 14.63% से घटकर 18.73% पर आने में भी दिखता है। कंपनी का नेट डेट टू इक्विटी रेशियो बढ़कर 0.65x हो गया है, जो इन्वेस्टमेंट साइकिल के दौरान बढ़ी हुई कैपिटल इंटेंसिटी को दर्शाता है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को नए नाइट्रिक एसिड और TAN प्रोजेक्ट्स के चालू होने के समय और उनके प्रदर्शन पर करीबी नजर रखनी चाहिए। इनपुट लागत को मैनेज करने और माइनिंग व क्रॉप न्यूट्रिशन में अपने सोल्यूशन-बेस्ड ऑफर्स को बढ़ाने की कंपनी की क्षमता भविष्य में मुनाफे और मार्जिन सुधार के लिए महत्वपूर्ण होगी।
