कंपनी के नतीजे
Deepak Fertilisers and Petrochemicals Corporation Limited (DFPCL) ने 31 मार्च 2026 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने ऑडिटेड नतीजों का ऐलान किया है। कंपनी का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल के मुकाबले 12% बढ़कर ₹11,506 करोड़ हो गया। यह ग्रोथ खास तौर पर माइनिंग केमिकल्स (TAN) और क्रॉप न्यूट्रिशन (CNB) सेगमेंट में वॉल्यूम बढ़ने की वजह से हुई है।
हालांकि, कंपनी का नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 22% घटकर ₹739 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल FY25 में यह ₹945 करोड़ था। मैनेजमेंट ने प्रॉफिट में आई इस कमी के लिए बढ़े हुए फाइनेंसियल कॉस्ट और पिछले साल के टैक्स क्रेडिट एडजस्टमेंट को वजह बताया है। इसी के साथ, बेसिक अर्निंग्स पर शेयर (EPS) भी ₹73.95 से घटकर ₹58.40 हो गया।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
रेवेन्यू में ग्रोथ से पता चलता है कि DFPCL के प्रोडक्ट्स, खासकर माइनिंग जैसे इंडस्ट्रियल इस्तेमाल के लिए, की डिमांड बनी हुई है। निवेशक कंपनी के चालू कैपिटल एक्सपेंडिचर (CAPEX) प्रोजेक्ट्स के कमीशनिंग पर नजर रखेंगे, जिनसे भविष्य में कैपेसिटी बढ़ने की उम्मीद है। डिविडेंड का ऐलान शेयरहोल्डर्स के लिए सीधा फायदा है, लेकिन प्रॉफिट में गिरावट कॉस्ट प्रेशर और कुछ एकमुश्त (one-off) फैक्टर्स की ओर इशारा करती है जो निकट अवधि की अर्निंग्स को प्रभावित कर सकते हैं।
कंपनी की रणनीति
DFPCL अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाने और प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को डाइवर्सिफाई करने पर लगातार फोकस कर रही है। गोपालपुर में TAN (टेक्निकल अमोनियम नाइट्रेट) प्रोजेक्ट और दहेज में नाइट्रिक एसिड प्रोजेक्ट कंपनी के लिए महत्वपूर्ण निवेश हैं, जिनसे मार्केट में उसकी पोजिशन मजबूत होगी।
आगे क्या?
FY26 के नतीजों के बाद, कंपनी अब बड़े ऑपरेशनल माइलस्टोन की तैयारी में है। गोपालपुर का TAN प्रोजेक्ट 95% पूरा हो चुका है और दहेज का नाइट्रिक एसिड प्रोजेक्ट 86% कंप्लीट है। इन दोनों के Q2-FY27 तक शुरू होने की उम्मीद है, जो प्रोडक्शन वॉल्यूम और रेवेन्यू को बढ़ाने में मदद करेंगे।
इसके अलावा, नेतृत्व में भी बदलाव हो रहे हैं। श्री शैलेश सी. मेहता दीपक माइनिंग सॉल्यूशंस लिमिटेड के CMD बनेंगे, और श्री यशिल एस. मेहता को एडिशनल डायरेक्टर नियुक्त किया गया है।
जोखिम:
एक बड़ा जोखिम महाधन एग्रीटेक लिमिटेड (एक सब्सिडियरी) से जुड़ा एक पेंडिंग टैक्स मामला है, जिसमें AY 2015-16 के लिए ₹96.04 करोड़ के पेनल्टी अपील पर फैसला आना बाकी है। ऑपरेशनल लेवल पर, क्रॉप न्यूट्रिशन बिजनेस मॉनसून की अनिश्चितता, इनपुट कॉस्ट में बढ़ोतरी और फर्टिलाइजर सब्सिडी जैसी मैक्रोइकॉनॉमिक फैक्टर्स से प्रभावित हो सकता है।
आगे क्या देखना है?
निवेशकों को TAN और नाइट्रिक एसिड प्रोजेक्ट्स की प्रगति और उनके कमीशनिंग पर कड़ी नजर रखनी चाहिए। महाधन एग्रीटेक लिमिटेड के टैक्स केस का नतीजा और कंपनी की इनपुट कॉस्ट प्रेशर व सब्सिडी रिस्क को कम करने की स्ट्रेटेजी भी अहम होगी।
