Deepak Fertilisers के शेयरधारकों को झटका! FY26 में मुनाफा **22%** गिरा, रेवेन्यू में **12%** की बढ़त

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AuthorMehul Desai|Published at:
Deepak Fertilisers के शेयरधारकों को झटका! FY26 में मुनाफा **22%** गिरा, रेवेन्यू में **12%** की बढ़त
Overview

Deepak Fertilisers ने FY26 के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी का नेट प्रॉफिट **22%** घटकर **₹739 करोड़** रह गया है। हालांकि, कंपनी के रेवेन्यू में **12%** की शानदार बढ़त दर्ज हुई और यह **₹11,506 करोड़** पर पहुंच गया। कच्चे माल की बढ़ती लागत और प्रोजेक्ट्स में देरी मुनाफा घटाने वाले मुख्य कारण बने हैं।

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क्यों घटी कंपनी की मुनाफे की रफ्तार?

Deepak Fertilisers and Petrochemicals Corporation Limited (DFPCL) ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्त वर्ष (FY26) और चौथी तिमाही के नतीजे घोषित किए हैं। FY26 में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल के मुकाबले 12% बढ़कर ₹11,506 करोड़ हो गया। यह बढ़त टेक्निकल अमोनियम नाइट्रेट (TAN) और क्रॉप न्यूट्रिशन (CNB) सेगमेंट में वॉल्यूम ग्रोथ के कारण संभव हुई।

लेकिन, मुनाफा 22% की गिरावट के साथ ₹739 करोड़ पर आ गया, जबकि पिछले साल FY25 में यह ₹945 करोड़ था। चौथी तिमाही (Q4 FY26) में भी नेट प्रॉफिट 50% घटकर ₹139 करोड़ रहा, हालांकि रेवेन्यू 13% बढ़कर ₹3,011 करोड़ हो गया।

मुनाफे पर दबाव के कारण?

FY26 में ऑपरेटिंग EBITDA 13% घटकर ₹1,684 करोड़ और Q4 FY26 में 26% घटकर ₹354 करोड़ रहा। कंपनी ने इसका कारण जियोपॉलिटिकल कारणों से कच्चे माल की लागत में हुई बढ़ोतरी और फर्टिलाइजर सब्सिडी में कमी को बताया है।

इसके अलावा, दहेज (Dahej) और गोपालपुर (Gopalpur) में बड़े एक्सपेंशन प्रोजेक्ट्स का काम शुरू होने में देरी हो रही है। ये प्रोजेक्ट अब Q2 FY27 में शुरू होने की उम्मीद है, जिसका मुख्य कारण मैनपावर की उपलब्धता और सप्लाई-साइड की दिक्कतें हैं। Q4 FY26 में कंपनी को अमोनिया प्लांट टर्नअराउंड के कारण ₹75 करोड़ का अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ा।

कंपनी की रणनीति और भविष्य की योजनाएं

Deepak Fertilisers अपनी क्षमता बढ़ाने और प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को डाइवर्सिफाई करने पर लगातार ध्यान दे रही है। कंपनी खास तौर पर अपने स्पेशियलिटी प्रोडक्ट्स पर जोर दे रही है, जिनसे क्रॉप न्यूट्रिशन बिजनेस के रेवेन्यू में 33% का योगदान आता है।

कंपनी ने एक नॉर्वेजियन सप्लायर के साथ 15-साल की LNG डील भी साइन की है, जिससे इनपुट कॉस्ट को स्टेबल रखने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, सब्सिडियरी DMSL द्वारा Chardham Chemicals Private Limited का अधिग्रहण माइन प्रोडक्टिविटी के क्षेत्र में कंपनी की क्षमताएं बढ़ाएगा।

निवेशकों के लिए क्या है मायने?

इन्वेस्टर्स अब यह देखेंगे कि कंपनी कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव को कैसे मैनेज करती है और LNG डील के फायदों से मार्जिन में कैसे सुधार लाती है। प्रोजेक्ट्स की देरी का मतलब है कि इन नए एक्सपेंशन का पूरा असर अगले फाइनेंशियल ईयर में ही दिखेगा।

इन सब चुनौतियों के बावजूद, कंपनी ने FY26 के लिए 100% डिविडेंड का सुझाव दिया है, जो शेयरधारकों को रिटर्न देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

मुख्य जोखिम

मुख्य जोखिमों में कच्चे माल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव, प्रोजेक्ट शुरू होने में और देरी, और फर्टिलाइजर सेगमेंट पर सब्सिडी नीतियों का असर शामिल है। FY26 के अंत तक कंपनी का नेट डेट ₹4,824 करोड़ था, जिससे नेट डेट टू EBITDA रेशियो 2.86 रहा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.